New Labour Code 2026: कर्मचारियों के लिए बड़े बदलाव, सैलरी, छुट्टी, ग्रेच्युटी और महिलाओं के कामकाज पर असर

New Law Labour Code : देश में नए लेबर कोड लागू होने की तैयारी के साथ कर्मचारियों की सैलरी, PF, ग्रेच्युटी, छुट्टी और महिलाओं के कामकाज से जुड़े कई बड़े बदलाव सामने आए हैं।
The new labour code may bring major changes in salary, leave, gratuity and work rules for employees.
लेबर कोड (फोटो - गूगल इमेज)
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Salary Rule Update : भारत में श्रम सुधारों को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी और अब नए लेबर कोड को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने चार नए लेबर कोड के अंतिम नियमों को अधिसूचित कर दिया है। ये नए नियम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े पुराने कानूनों की जगह लेने वाले हैं।

इन बदलावों का असर देश के करोड़ों कर्मचारियों और कंपनियों पर पड़ सकता है। खासतौर पर सैलरी स्ट्रक्चर, छुट्टियां, ग्रेच्युटी और महिलाओं के कामकाज के नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

देश में लेबर कोड के नए नियम लागू

नए नियमों के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत रखना जरूरी होगा। इसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कम है, उनके वेतन ढांचे में बदलाव हो सकता है। इससे PF प्रोविडेंट फंड और ग्रेच्युटी में योगदान बढ़ेगा, लेकिन हाथ में मिलने वाली टेक-होम सैलरी कुछ कम हो सकती है।

वहीं कॉन्ट्रैक्ट या फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को भी राहत दी गई है। अब अगर उन्होंने एक साल की सेवा पूरी कर ली है, तो वे ग्रेच्युटी पाने के हकदार होंगे। पहले इसके लिए पांच साल तक काम करना जरूरी माना जाता था।

कर्मचारियों के लिए बड़े बदलाव

वर्किंग आवर्स को लेकर भी नए नियम अहम हैं। सप्ताह में कुल 48 घंटे काम की सीमा तय की गई है। कंपनियां चाहें तो 4 दिन का वर्क वीक लागू कर सकती हैं, लेकिन इसके बदले कर्मचारियों को 3 दिन की छुट्टी देनी होगी। ओवरटाइम करने पर सामान्य वेतन से दोगुना भुगतान देना होगा। साथ ही 180 दिन काम करने पर अर्जित अवकाश का लाभ मिल सकता है।

महिलाओं को भी नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है, बशर्ते सुरक्षा नियमों का पालन हो। इसके अलावा समान काम के लिए पुरुष और महिला कर्मचारियों को समान वेतन देने का प्रावधान भी रखा गया है।

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