Railway TTE Camera: रेलवे TTE अब शरीर पर लगे कैमरे से चेक करेंगे टिकट, प्रयागराज मंडल से हुई शुरुआत
Railway TTE Camera: भारतीय रेलवे ने टिकट चेकिंग में विवाद खत्म करने के लिए नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। अब TTE के पास बॉडी कैमरा होगा, जो यात्रियों के साथ पूरी बातचीत रिकॉर्ड करेगा।
- Written By: प्रिया सिंह
भारतीय रेलवे टीटीई कैमरा टिकट चेकिंग (सोर्स- सोशल मीडिया)
Indian Railway TTE Starts Ticket Checking With Body Cameras: भारतीय रेलवे ने यात्रियों और टिकट चेकिंग स्टाफ के बीच होने वाले विवादों को खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब ट्रेनों में सफर के दौरान TTE टिकट की जांच करते समय अपनी यूनिफॉर्म पर एक खास कैमरा पहने नजर आएंगे। यह स्मार्ट कैमरा पैसेंजर और TTE के बीच होने वाली हर बातचीत को ऑडियो और वीडियो फॉर्मेट में रिकॉर्ड करेगा। रेलवे ने इस नई और आधुनिक व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फिलहाल उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में शुरू कर दिया है।
प्रयागराज मंडल के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के निर्देश पर अभी केवल दो प्रमुख ट्रेनों में इस आधुनिक व्यवस्था की शुरुआत की गई है। इनमें 12417/12418 प्रयागराज एक्सप्रेस और 12451/12452 श्रम शक्ति एक्सप्रेस ट्रेन को इस पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। पहले चरण में इन दोनों ट्रेनों के स्टाफ को 30 कैमरे दिए गए हैं और उन्हें इसकी पूरी ट्रेनिंग भी दी जा रही है। अगर यह योजना सफल रही तो इसे पूरे देशभर की अन्य ट्रेनों में भी बहुत ही जल्द और प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा।
बॉडी वॉर्न कैमरे की खासियत
यह एक बहुत ही छोटा और एडवांस हाई डेफिनिशन कैमरा होता है, जिसे रेलवे कर्मचारी अपनी ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म पर पहनते हैं। टिकट जांच प्रक्रिया के दौरान यह कैमरा बिना रुके पूरी पारदर्शिता के साथ वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग का काम आसानी से करता है। इसमें रात में साफ रिकॉर्डिंग के लिए खास नाइट विजन और लंबी यात्राओं के लिए एक बहुत लंबा बैटरी बैकअप भी दिया गया है। इस कैमरे में टैम्पर-प्रूफ रिकॉर्डिंग सिस्टम है, जिससे रिकॉर्ड किए गए वीडियो से कोई छेड़छाड़ बिल्कुल नहीं की जा सकती है।
सम्बंधित ख़बरें
अब सूरज की रोशनी से दौड़ेंगे ट्रेन के कोच! रेलवे हर महीने बना रहा 4 नए Solar Coach
Property Ownership Rules: घर का असली मालिक बनने के लिए केवल रजिस्ट्री काफी नहीं, चाहिए ये जरूरी कागज
मुंबई में आफत की बारिश! दहानू-वलसाड रूट पर ट्रेनें ठप, कई पुलों पर मंडराया खतरा, नदियों का जलस्तर बढ़ा
Passport Index: हेनले पासपोर्ट रैंकिंग में सिंगापुर पहले स्थान पर, जानें भारत और पाकिस्तान का हाल
रेलवे और यात्रियों को बड़ा फायदा
इस बॉडी वॉर्न कैमरे के इस्तेमाल से टिकट जांच के दौरान होने वाले विवादों में दूध का दूध और पानी का पानी आसानी से हो जाएगा। रेलवे कर्मचारियों पर लगने वाले फर्जी आरोपों में कमी आएगी और ड्यूटी के दौरान उनके काम की पूरी निष्पक्ष समीक्षा भी की जा सकेगी। रेलवे प्रशासन को डिजिटल तकनीक के जरिए काम में पारदर्शिता मिलेगी और आरपीएफ को संदिग्ध गतिविधियों का अहम वीडियो साक्ष्य मिलेगा। इससे रेलवे की छवि सकारात्मक होगी और करोड़ों यात्रियों का भारतीय रेलवे की टिकट जांच प्रणाली पर भरोसा और अधिक मजबूत हो सकेगा।
यह भी पढ़ें: Property Ownership Rules: घर का असली मालिक बनने के लिए केवल रजिस्ट्री काफी नहीं, चाहिए ये जरूरी कागज
अधिकारियों का इस नई व्यवस्था पर बयान
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ शिवम शर्मा ने इस नई व्यवस्था को लेकर कई अहम जानकारियां साझा की हैं। उनका कहना है कि इस आधुनिक पहल से सभी यात्रियों को भविष्य में अधिक सुरक्षित और पारदर्शी यात्रा का शानदार अनुभव मिलेगा।
इसके साथ ही भारतीय रेलवे की टिकट जांच व्यवस्था भी पहले के मुकाबले काफी ज्यादा आधुनिक, प्रभावी और विश्वसनीय बन जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के बेहतर नतीजे आने पर कैमरे वाली इस पूरी व्यवस्था को अन्य रेलवे जोन और मंडलों में भी लागू किया जाएगा।
