Census 2027: भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना, मोबाइल ऐप से जुटेगा डेटा
Census 2027 Digital India : भारत की जनगणना 2027 पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें मोबाइल ऐप, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और जातिगत गणना जैसी नई सुविधाएं शामिल होंगी।
- Written By: हितेश तिवारी
जनगणना 2027 (फोटो - गूगल इमेज)
Census India 2027 : देश की सबसे बड़ी जनभागीदारी प्रक्रिया जनगणना 2027 जल्द शुरू होने जा रही है, जो इस बार कई मायनों में खास होगी। सरकार इसे पूरी तरह डिजिटल तरीके से आयोजित करने जा रही है, जिसमें आम नागरिक भी घर बैठे स्व-गणना (Self Enumeration) के जरिए हिस्सा ले सकेंगे।
इसके लिए नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर SE (Self Enumeration) आईडी जनरेट करनी होगी और जब जनगणना कर्मी घर आएं, तो उन्हें यह आईडी साझा करनी होगी। इस पहल का उद्देश्य ज्यादा सटीक और तेज डेटा संग्रह करना है, जिससे देश की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
जनगणना 2027 में घर बैठे स्व-गणना का बने हिस्सा
इस बार की जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (अप्रैल से सितंबर 2026) के तहत घरों से जुड़ी 33 तरह की जानकारी जैसे पानी, स्वच्छता, संपत्ति और ईंधन आदि का डेटा इकट्ठा किया जाएगा।
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दूसरे चरण में फरवरी 2027 में पॉपुलेशन एन्यूमरेशन होगा, जिसमें नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी जैसे उम्र, शिक्षा, पेशा, धर्म, जाति और अन्य विवरण दर्ज किए जाएंगे। खास बात यह है कि इस बार जाति आधारित गणना भी शामिल होगी और बेघर लोगों को भी इस प्रक्रिया में जोड़ा जाएगा।
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हर नागरिक की जिम्मेदारी देश के विकास में योगदान दे
सरकार ने स्पष्ट किया है कि Census Act 1948 के तहत नागरिकों की दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह डेटा न तो टैक्स के लिए उपयोग होगा और न ही किसी जांच के लिए, बल्कि केवल नीतियां बनाने और संसाधनों के सही वितरण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, सही जानकारी देने से भविष्य में बेहतर स्कूल, अस्पताल, सड़कें और सरकारी योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी। ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए और देश के विकास में योगदान दे।
