

Farmer Digital Card : डिजिटल दौर में अब खेती-किसानी भी तेजी से टेक्नोलॉजी से जुड़ती जा रही है। सरकार किसानों तक योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए Farmer ID यानी किसान डिजिटल पहचान पत्र को बढ़ावा दे रही है। यह आईडी किसानों के लिए उसी तरह जरूरी मानी जा रही है जैसे आम नागरिकों के लिए आधार कार्ड।
आने वाले समय में खाद, बीज, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए Farmer ID महत्वपूर्ण दस्तावेज बन सकती है। खास बात यह है कि अब किसान इस आईडी के लिए घर बैठे अपने मोबाइल फोन से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इसके लिए किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
Farmer ID एक यूनिक डिजिटल पहचान पत्र होता है, जिसमें किसान की जमीन, फसल और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी दर्ज रहती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सरकार जब भी किसी नई कृषि योजना की घोषणा करेगी, तब किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे। सिस्टम Farmer ID के जरिए ही पात्रता की जांच कर लेगा और योजना की राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
इसके अलावा अगर कोई किसान बैंक से खेती के लिए लोन या Kisan Credit Card Scheme के तहत KCC बनवाना चाहता है, तो यह आईडी प्रक्रिया को काफी आसान बना सकती है। इससे फर्जी लाभार्थियों पर भी रोक लगेगी और असली किसानों तक सरकारी मदद पहुंचाना आसान होगा।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी काफी आसान रखी गई है। किसान सबसे पहले सरकार के आधिकारिक कृषि पोर्टल पर जाकर “Farmer ID Registration” विकल्प पर क्लिक कर सकते हैं। इसके बाद आधार नंबर दर्ज करना होगा और लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP को भरना होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद सिस्टम खुद ही नाम और पते जैसी बेसिक जानकारी दिखा देगा।
फिर किसान को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी जैसे खसरा-खतौनी नंबर और बैंक खाते की डिटेल भरनी होगी। सभी जानकारी सही होने पर आवेदन सबमिट किया जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद किसान की यूनिक Farmer ID तैयार हो जाएगी, जिसे मोबाइल में डाउनलोड करके सुरक्षित रखा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह डिजिटल व्यवस्था किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाने में मदद करेगी।