खाने के सामान पर '100%' का झूठा दावा पड़ेगा भारी, FSSAI और CCPA ने तेल का नाम छुपाने पर कड़ा किया रुख

FSSAI Misleading Claims: खाने-पीने की चीजों पर 100% शुद्धता का झूठा दावा करने और तेल का असली नाम छुपाने वाली कंपनियों पर FSSAI व CCPA ने सख्त कार्रवाई की है। कंपनियों पर 1-1 लाख का जुर्माना लगा है।
Misleading Claims: FSSAI And CCPA Fines Storia And Mrs Bectors For Fake Pure Quality Advertisement
FSSAI और CCPA का कड़ा एक्सन (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Food Safety FSSAI Misleading Claims: बाजार में खाने-पीने की चीजों पर 100% शुद्धता और प्राकृतिक होने के कई दावे किए जाते हैं जो अक्सर जांच में पूरी तरह से गलत साबित होते हैं। इन भ्रामक विज्ञापनों और झूठे दावों को रोकने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने कड़ा कदम उठाया है।

दोनों सरकारी संस्थाओं ने मिलकर देश की कई बड़ी और नामचीन खाद्य कंपनियों पर उनके उत्पादों में भ्रामक जानकारी देने के कारण सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से यह एक बहुत ही अहम और बड़ा फैसला लिया गया है।

इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान सीसीपीए ने 100% झूठा दावा करने पर स्टोरिया फूड्स और मिसेज बेक्टर्स जैसी बड़ी कंपनियों पर 1-1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। वहीं दूसरी तरफ FSSAI ने खाद्य वनस्पति तेल का असली नाम पैकेट पर छुपाने के लिए रिश्ते नमकीन नाम की कंपनी को कारण बताओ नोटिस थमा किया है।

इन बड़ी कंपनियों द्वारा किए जा रहे भ्रामक दावों से आम नागरिकों की सेहत के साथ एक बहुत बड़ा और खतरनाक खिलवाड़ लगातार किया जा रहा था। इस सख्त कार्रवाई के बाद कंपनियों में भारी हड़कंप है और बाजार में शुद्धता को लेकर बहुत ही साफ संदेश गया है।

FSSAI ने भेजा नोटिस

पहला मामला FSSAI से जुड़ा है जहां सोशल मीडिया पर एक ग्राहक की गंभीर शिकायत के बाद रिश्ते नमकीन कंपनी को कड़ा नोटिस दिया गया है। ग्राहक ने अपनी शिकायत में बताया था कि फरसान स्ट्रीट मसाला पत्ता और फरसान स्ट्रीट रोस्टेड मिलेट भेल पर सिर्फ वनस्पति तेल लिखा था। पैकेट पर यह बिल्कुल भी स्पष्ट नहीं किया गया था कि इसमें पाम ऑयल, मूंगफली का तेल या राइस ब्रैन ऑयल इस्तेमाल हुआ है। यह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस 2020 के नियमों का पूरी तरह से सीधा और खुला उल्लंघन माना गया है।

नियमों का पालन है जरूरी

खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने इस मामले में कंपनी को कड़े निर्देश देते हुए पूछा है कि उसने नियमों के तहत तेल का असली नाम क्यों नहीं लिखा। कंपनी को अब यह स्पष्ट रूप से साबित करना होगा कि उसने 2020 के लेबलिंग नियमों को किसी भी तरह से नहीं तोड़ा है। इसके साथ ही एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है जिसमें सुधार के लिए उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी देनी होगी। भविष्य में ऐसी कोई भी कमी दोबारा ना हो, यह सुनिश्चित करना भी अब इस नमकीन कंपनी के लिए बहुत ही ज्यादा अनिवार्य हो गया है।

सीसीपीए का कंपनियों पर जुर्माना

दूसरे बड़े मामले में सीसीपीए ने कड़ा एक्शन लेते हुए स्टोरिया फूड्स और मिसेज बेक्टर्स कंपनियों पर 1-1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों पर अपने उत्पादों के विज्ञापन और पैकेजिंग में 100% शुद्धता के झूठे दावे करने का गंभीर आरोप है। सीसीपीए ने स्पष्ट किया है कि 100% दावा करने का मतलब है कि आपके उत्पाद में वही चीज पूरी तरह से मौजूद होनी चाहिए। अगर आप इसका दावा कर रहे हैं तो उत्पाद की गुणवत्ता उसी दावों के अनुरूप हर हाल में बिल्कुल सटीक होनी चाहिए।

100% शुद्धता के भ्रामक दावे

स्टोरिया फूड्स ने अपने उत्पादों को 100% नारियल पानी और 100% जूस जैसे आम, अमरूद और अनार के रूप में खुलेआम प्रचारित किया था। लेकिन जांच के दौरान अथॉरिटी को इन उत्पादों में किए गए दावों के बिल्कुल विपरीत सामग्री और बहुत भारी मिलावट आसानी से मिल गई।

इसी तरह मिसेज बेक्टर्स ने भी 100% आटा ब्रेड और 100% साबुत गेहूं की ब्रेड जैसे पूरी तरह से फर्जी और झूठे दावे किए थे। सीसीपीए ने आदेश दिया है कि ये कंपनियां तुरंत अपनी वेबसाइट और सभी पैकेजिंग से इन भ्रामक दावों को हमेशा के लिए हटाएं।

उपभोक्ताओं का मौलिक अधिकार

पैकेट के पीछे लिखी गई सामग्री की सूची कोई मामूली जानकारी नहीं है बल्कि यह हर एक जागरूक नागरिक का अपना मौलिक अधिकार है। ग्राहक जो भी चीजें खा रहा है उसके बारे में उसे पूरी और सटीक जानकारी होना उसकी सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी है।

कई लोगों को कुछ विशेष चीजों से एलर्जी होती है इसलिए यह जानकारी उनकी जान बचाने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने में अहम है। इन सख्त कदमों से अब कंपनियां ग्राहकों को बेवकूफ नहीं बना सकेंगी और बाजार में शुद्धता के नाम पर चलने वाला धोखा पूरी तरह रुकेगा।

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