EPS पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी: अब घर बैठे मुफ्त में जमा होगा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
Free Digital Life Certificate: EPFO ने पेंशनर्स के लिए फ्री डोरस्टेप सर्विस शुरू की है। अब डाकिया घर आकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाएगा। बुजुर्गों को बैंक जाने की जरूरत नहीं और यह पूरी तरह मुफ्त है।
- Written By: प्रिया सिंह
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Doorstep DLC service for EPS pensioners: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ईपीएस पेंशनभोगियों के लिए एक क्रांतिकारी और मानवीय पहल की शुरुआत की है जिसके तहत अब बुजुर्गों को बैंक के चक्कर नहीं काटने होंगे। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ मिलकर शुरू की गई इस मुफ्त डोरस्टेप सेवा के माध्यम से डाकिया खुद पेंशनर के घर जाकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार करेगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन बुजुर्गों की मदद करना है जो शारीरिक अक्षमता या तकनीक की कमी के कारण अपना जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा नहीं कर पाते हैं। अब मात्र एक कॉल के जरिए डाकिया घर आएगा और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कर बिना किसी शुल्क के पेंशन की निरंतरता सुनिश्चित करेगा।
घर बैठे पेंशन सेवा
ईपीएफओ ने बुजुर्ग पेंशनर्स की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह नई सेवा शुरू की है ताकि उन्हें लंबी लाइनों से मुक्ति मिल सके। इस सेवा के अंतर्गत पोस्टमैन या डाक सेवक पेंशनर के घर आकर आधार आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए पेंशनभोगी को एक भी पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी।
क्यों जरूरी है पहल?
ईपीएफओ के सर्कुलर के अनुसार कई बुजुर्गों के पास स्मार्टफोन नहीं होता या वे तकनीक का उपयोग करने में असमर्थ होते हैं। चलने-फिरने में परेशानी या दूर-दराज के इलाकों में बैंकों की कमी के कारण कई बार पेंशन रुकने का खतरा बना रहता था। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए ईपीएफओ ने डोरस्टेप सुविधा शुरू की है ताकि किसी की पेंशन केवल कागजी प्रक्रिया के कारण न रुके।
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सरल पंजीकरण प्रक्रिया
डाकिया घर पहुंचकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग करके पेंशनर की पहचान का सत्यापन सुरक्षित तरीके से करेगा। एक बार पहचान सत्यापित होने के बाद डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट को ऑनलाइन पोर्टल पर तुरंत रजिस्टर कर दिया जाता है जिसे जीवन प्रमाण भी कहा जाता है। यह सर्टिफिकेट जमा होने के बाद अगले एक साल तक पेंशन बिना किसी रुकावट के खाते में आती रहेगी।
पूरी तरह मुफ्त सुविधा
ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष सेवा का पूरा खर्च संगठन स्वयं उठाएगा और पेंशनर को कोई शुल्क नहीं देना होगा। सेवा का भुगतान सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग एंड रिकॉर्ड सेंटर (CPPRC) के माध्यम से सीधे इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक को किया जाएगा। यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक रूप से कमजोर पेंशनर्स भी इस तकनीक-आधारित सेवा का लाभ बिना किसी बोझ के उठा सकें।
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अपॉइंटमेंट बुक करना आसान
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पेंशनर या उनके परिवार के सदस्य आईपीपीबी के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके रिक्वेस्ट दर्ज कर सकते हैं। कॉल मिलने के बाद विभाग एक पोस्टमैन असाइन करेगा जो तय समय पर पेंशनर के पते पर पहुंचकर सभी औपचारिकताएं पूरी करेगा। ईपीएस-95 पेंशनर्स के लिए यह सेवा साल के किसी भी समय उपलब्ध है क्योंकि उनके लिए कोई निश्चित डेडलाइन नहीं होती।
