Chilika Lake: दुनिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील, जानें इससे जुड़ी दिलचस्प बातें
भारत की सबसे बड़ी तटीय खाड़ी के रूप में पहचाने जाने वाली चिल्का लेक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खाड़ी है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील के रुप में जाना जाता है। यह पूर्वी तट ओडिशा राज्य के पुरी में स्थित है।
- Written By: प्रीति शर्मा
दुनिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील, जानें इससे जुड़ी दिलचस्प बातें
Chilika Lake Odissa: भारत की सबसे बड़ी तटीय खाड़ी के रूप में पहचाने जाने वाली चिल्का लेक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खाड़ी है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील के रुप में जाना जाता है। यह पूर्वी तट ओडिशा राज्य के पुरी, खुर्दा और गंजम जिलों में दया नदी के मुहाने तक फैली हुई है। यह खूबसूरत लेक बंगाल की खाड़ी में बहती है। अगर आप ओडिशा घूमने का प्लान कर रहे हैं तो इस झील को एक बार जरूर देखने जाएं। यह टूरिस्टों के लिए काफी फेवरेट डेस्टिनेशन मानी जाती है। यहां पर आप बोटिंग का मजा ले सकते हैं।
चिल्का झील के आसपास मौजूद सुंदर नजारे इस जगह को और भी खास बनाते हैं। बता दें कि चिल्का झील करीब 70 किमी लंबी है और 30 किमी चौड़ी है। इस झील को घूमने का सबसे अच्छा समय दिसंबर से लेकर जून तक का माना जाता है। इस समय झील का पानी खारा रहता है। वहीं वर्षा ऋतु में इसका पानी मीठा हो जाता है। इस झील के आसपास मंदिर भी हैं। चिल्का झील 1100 वर्ग किमी में फैली हुई है जो प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी जानी जाती है। यहां पर आप सूर्यास्त और सूर्योदय का अद्भुत नजारा देख सकते हैं।
प्रवासी पक्षियों का घर
चिल्का झील घूमने का प्लान कर रहे हैं तो यहां पर चिल्का पक्षी अभयारण्य देख सकते हैं। सर्दियों के समय इसमें काफी ज्यादा प्रवासी पक्षी आते हैं। ईरान, साइबेरिया और मध्य एशिया से पक्षी इस जगह पर आते हैं। जानकारी के अनुसार यह झील 132 गांव में रहने वाले लोगों से अधिक मछुआरों का भरण पोषण करती है। इस झील के बीच में नलबाना द्वीप है जहां सर्दियों के समय दूर दूर से लोग प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए आते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
800 श्रद्धालुओं को लेकर दादर से बोधगया रवाना हुई भारत गौरव ट्रेन, संजय शिरसाट ने दिखाई हरी झंडी
छत्रपति संभाजीनगर में बारिश से खिल उठीं पहाड़ियां, वीकेंड पर उमड़ी ट्रैकर्स और परिवारों की भारी भीड़
दुनिया के 10 सबसे रहस्यमयी बगीचे, जिनके राज आज तक नहीं सुलझ पाए
मानसून में प्रकृति के सबसे खूबसूरत रंग देखने हैं तो पश्चिम बंगाल की इन 5 जगहों का ट्रिप करें प्लैन
इस झील को पानी की गहराई और लवणता के आधार पर चार क्षेत्रों में विभाजित किया गया है – मध्य क्षेत्र, दक्षिणी क्षेत्र, उत्तरी क्षेत्र और बाहरी चैनल। साल 1981 में इस प्रसिद्ध झील को भारत में अंतर्राष्ट्रीय महत्व की रामसर कन्वेंशन वेटलैंड घोषित किया गया था। चिल्का झील की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय नवंबर से फरवरी तक का सर्दियों का महीना है, क्योंकि लैगून के पास लगभग 225 पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।
