-
रवि, 26 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Travel »
- Panpatia Col Trek Uttarakhand Badrinath To Kedarnath High Altitude Glacier Trek
Panpatia Col Trek: बद्रीनाथ और केदारनाथ को जोड़ने वाला रास्ता, जिसका नाम सुनते ही कांप जाते हैं ट्रेकर्स
- Written By: सजल रघुवंशी
Most Difficult Himalayan Trek: 17,257 फीट की ऊंचाई पर स्थित पनपतिया कोल ट्रेक बद्रीनाथ और केदारनाथ को जोड़ने वाला सबसे कठिन मार्ग है। जानें क्यों कठिन है यह ट्रेक

पनपतिया कोल ट्रेक (सोर्स- सोशल मीडिया)
Panpatia Col Trek Uttarakhand: उत्तराखंड की देवभूमि अपने भीतर कई रहस्य और रोमांच समेटे हुए है। इन्हीं में से एक है पनपतिया कोल ट्रेक, जिसे उत्तराखंड का ताज भी कहा जाता है। गढ़वाल हिमालय की गोद में स्थित यह दर्रा अपनी अद्भुत ऊंचाई, कठिन रास्तों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनियाभर के एडवेंचर प्रेमियों को आकर्षित करता है। यह ट्रेक सिर्फ एक यात्रा नहीं बल्कि साहस, धैर्य और प्रकृति से जुड़ने का एक अनोखा अनुभव है।
यह ट्रेक हिंदू धर्म के दो सबसे पवित्र धाम बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम को जोड़ता है। प्राचीन समय में स्थानीय लोग और साधु-संत इसी दुर्गम रास्ते से होकर इन दोनों धामों के बीच यात्रा करते थे। आज यह मार्ग तीर्थ से ज्यादा एडवेंचर ट्रेक के रूप में प्रसिद्ध हो चुका है, जो श्रद्धा और रोमांच का अनोखा संगम पेश करता है।
नाम के पीछे का रहस्य और प्राकृतिक खूबसूरती
‘पनपतिया’ नाम यहां फैले विशाल ग्लेशियरों की वजह से पड़ा है। करीब 17,257 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह ट्रेक बद्रीनाथ से शुरू होकर केदारनाथ तक पहुंचता है। इस दौरान ट्रेकर्स माना गांव, घस्तोली, पनपतिया ग्लेशियर और मदमहेश्वर जैसे खूबसूरत पड़ावों से गुजरते हैं। बर्फ से ढकी चोटियां, शांत घाटियां और चमकते ग्लेशियर इस सफर को अविस्मरणीय बना देते हैं। यहां दुर्लभ वनस्पतियां और हिमालयी जीव-जंतु भी देखने को मिलते हैं, जो इस ट्रेक को और खास बनाते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी में विदेशी पर्यटक हादसे का शिकार, सुरक्षा टीम की तत्परता से टला बड़ा हादसा
नेपाल की इन 10 खूबसूरत जगहों को देख कर दिल कहेगा – एक बार तो यहां जाना बनता है
पुणे प्रशासन की सख्त चेतावनी: रेड व ऑरेंज अलर्ट के दौरान पर्यटन स्थलों से दूर रहें रीलबाज
स्क्रॉलिंगहावड़ा ब्रिज से समरकंद के विशाल ‘नान’ तक… दुनिया की ये तस्वीरें देख रुक जाएगी आपकी स्क्रॉलिंग
चुनौतियों से भरा कठिन ट्रेक
पनपतिया कोल ट्रेक को भारत के सबसे कठिन ट्रेक्स में गिना जाता है। इसका रास्ता बर्फीले मैदानों, नुकीले पत्थरों और खतरनाक ग्लेशियरों से होकर गुजरता है। कई जगहों पर गहरी बर्फीली दरारें और तकनीकी क्लाइम्बिंग जैसी चुनौतियां सामने आती हैं। यही वजह है कि यह ट्रेक केवल अनुभवी और प्रशिक्षित ट्रेकर्स के लिए ही उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान चौखंबा शिखर और नीलकंठ शिखर के शानदार दृश्य हर कठिनाई को भूलने पर मजबूर कर देते हैं।
आधुनिक दौर में खोज और उपलब्धि
लंबे समय तक यह रास्ता बेहद दुर्गम और अनछुआ रहा। आधुनिक समय में इसे पहचान दिलाने का श्रेय साल 2000 में अंग्रेज पर्वतारोही मार्टिन मोरन को जाता है। उन्होंने नीलकंठ क्षेत्र में एक अभियान का नेतृत्व करते हुए पनपतिया ग्लेशियर को पार किया और केदारनाथ की ओर से बाहर निकलने में सफलता हासिल की। यह इस कठिन मार्ग को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले शुरुआती अभियानों में से एक था।
यह भी पढ़ें: नैनीताल से मुन्नार तक, कम बजट में परिवार के साथ सुकून के पल बिताने के लिए बेस्ट समर डेस्टिनेशंस
ट्रेक पर जाने का सही समय
अगर आप इस रोमांचक सफर पर निकलना चाहते हैं, तो मई-जून का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, जब बर्फ पिघलने लगती है और रास्ते कुछ हद तक सुगम हो जाते हैं। इसके अलावा सितंबर-अक्टूबर में भी मौसम साफ और अनुकूल रहता है। हालांकि मानसून और सर्दियों के दौरान यहां जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि हल्की-सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए इस ट्रेक पर जाने से पहले पूरी तैयारी और अनुभवी गाइड का साथ जरूरी है।
Panpatia col trek uttarakhand badrinath to kedarnath high altitude glacier trek
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Samsung का नया धमाका, 6000mAh बैटरी और Snapdragon प्रोसेसर के साथ जल्द आएगा Galaxy F70 Pro, जानें फीचर्स
Jul 26, 2026 | 09:56 AMजान न्योछावर कर दी पर देश को झुकने नहीं दिया… कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्रपति, PM मोदी समेत दिग्गजों का पैगाम
Jul 26, 2026 | 09:53 AMशिवाजी पार्क से आज निकलेगा ठाकरे बंधुओं का अभिनंदन मोर्चा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर साझा संदेश
Jul 26, 2026 | 09:52 AMमामूली विवाद में पत्थर से कुचलकर की थी हत्या: छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने बेनकाब किया मर्डर मिस्ट्री
Jul 26, 2026 | 09:46 AMPakistan Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में फिर से हुआ जोरदार धमाका, दो लोगों की मौत, जांच जारी
Jul 26, 2026 | 09:42 AMHemoglobin Foods: सब खाने के बाद भी नहीं बढ़ रहा हीमोग्लोबिन, तो इन पांच चीजों को करें डाइट में शामिल
Jul 26, 2026 | 09:41 AMठाणे में भारी बारिश से उफान पर नदियां, भातसा बांध के खोले गए 5 गेट; तटीय इलाकों में अलर्ट जारी
Jul 26, 2026 | 09:34 AMवीडियो गैलरी

अब यह छात्रों का आंदोलन नहीं रहा! NEET प्रदर्शन पर UP के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का बड़ा बयान, देखें VIDEO
Jul 25, 2026 | 10:47 PM
आधी रात हो रही अवैध तस्करी…हथाईखेड़ा डैम में खुलेआम उड़ रहीं मत्स्य विभाग के नियमों की धज्जियां! देखें VIDEO
Jul 25, 2026 | 10:30 PM
Gen Z की ताकत से डरी सरकार! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नागपुर में छात्रों ने बांटे मेलोडी, देखें VIDEO
Jul 25, 2026 | 09:57 PM
विजेता दहिया का बड़ा खुलासा; फंडिंग और सरकार से बातचीत पर कह दी ऐसी बात कि मच गया हड़कंप, देखें VIDEO
Jul 25, 2026 | 09:25 PM
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर! जंतर-मंतर पर जश्न, बोले- एकजुटता ने सरकार को झुकाया, देखें VIDEO
Jul 25, 2026 | 09:02 PM
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भोपाल में NSUI का जश्न… आखिर क्यों सड़क पर उतर आए छात्र? देखें VIDEO
Jul 25, 2026 | 07:41 PM














