ओंकारेश्वर में न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर लगा बड़ा झटका! नर्मदा में अब नहीं कर पाएंगे बोटिंग

Omkareshwar Boat Ban: न्यू ईयर सेलिब्रेशन की तैयारी कर रहे पर्यटकों को ओंकारेश्वर में बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से नर्मदा नदी में बोटिंग पर रोक लगा दी गई है।
Omkareshwar Ban on Narmada Boating
ओंकारेश्वर बोटिंग तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
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Omkareshwar Travel Guide: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में साल के आखिरी दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। नए साल की शुरुआत के लिए कई लोग देशभर से यहां भगवान के दर्शन करने आते हैं। यही कारण है कि रोजाना श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।

अगर आप मध्य प्रदेश की तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में नए साल 2026 का जश्न मनाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। दरअसल जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नर्मदा नदी में नावों के संचालन पर प्रतिबंधन लगा दिया है। भारी भीड़ होने की वजह से संभावित हादसों को रोकने के लिए यह कदम लिया गया है।

नए साल पर नहीं कर पाएंगे बोटिंग

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में नए साल के मौके पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। खंडवा जिला प्रशासन ने इस साल पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 1 जनवरी 2026 को नर्मदा नदी में नावों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों का मानना है कि भारी भीड़ के दौरान नदी में नावों के बीच संतुलन बिगड़ना या ओवरलोडिंग किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

प्रशासन का आधिकारिक आदेश

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन ने नाविकों और पर्यटन समितियों को सुचित कर दिया है। आदेश के अनुसार नए साल के दिन सुबह से लेकर रात तक किसी भी प्रकार की छोटी या बड़ी नाव का संचालन नहीं किया जाएगा। ओंकारेश्वर के घाटों पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी ताकि श्रद्धालु नदी के गहरे पानी में न जाएं।

भीड़ नियंत्रण पर जोर

नए साल के दौरान ओंकारेश्वर के संकरे रास्तों पर लगने वाला जाम से निटपने के लिए तैयारियां की गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई नाविक आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

क्यों है ओंकारेश्वर स्पेशल

ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग दो रूपों में विभाजित हैं जो दुनिया में कहीं और नहीं है। माना जाता है कि शिव पार्वती यहां हर रात विश्राम करने आते हैं। यहां नर्मदा नदी पहाड़ों के बीच बहती है जो इसे आध्यात्मिक और पर्यटन की दृष्टि से स्वर्ग जैसा बनाती है।

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