मां वैष्णो के दरबार जाने का है प्लान? तो नोट कर लें ये नया नियम, वरना बीच रास्ते से लौटना पड़ेगा!
Vaishno Devi Yatra New Rules: मां वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों की जानकारी पहले से नहीं ली गई तो यात्रियों को बीच से लौटना पड़ सकता है।
- Written By: प्रीति शर्मा
वैष्णो देवी मंदिर (सौ. सोशल मीडिया)
Vaishno Devi Yatra: विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माता वैष्णो देवी की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। भारी भीड़ के प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने अब यात्रा की अवधि के लिए डेडलाइन तय कर दी है। अब भक्तों को निर्धारित समय के भीतर ही अपनी यात्रा पूरी करनी होगी।
नए नियमों के अनुसार अब श्रद्धालुओं को न सिर्फ अपनी चढ़ाई समय पर पूरी करनी होगी बल्कि भवन में वापस कटरा लौटने के लिए भी एक निश्चित समय सीमा का पालन करना होगा।
क्या है नया नियम
श्राइन बोर्ड द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक कटरा के बाणगंगा से भवन तक की चढ़ाई पूरी करने के लिए यात्रियों को अधिकतम 10 घंटे का समय दिया जाएगा। वहीं यात्रा शुरू करने से लेकर वापस कटरा पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया को 24 घंटे के भीतर संपन्न करना होगा। इसका मतलब है कि अब भक्त भवन या अर्धकुंवारी जैसे स्थानों पर लंबे समय तक विश्राम या ठहराव नहीं कर पाएंगे।
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क्यों लिया गया फैसला
अक्सर देखा जाता है कि पीक सीजन या छुट्टियों के दौरान भवन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो जाती है जिससे वहां क्षमता से अधिक दबाव बन जाता है। साल 2022 की शुरुआत में हुई भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं से सबक लेते हुए बोर्ड ने भीड़ प्रबंधन का यह नया टाइम बाउंड फार्मूला तैयार किया है। इससे यात्रियों का प्रवाह बना रहेगा और किसी एक स्थान पर भीड़ इकट्ठा नहीं होगी।
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इस नियम को कड़ाई से लागू करने के लिए आरएफआईडी कार्ड तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। यात्रा शुरू करते समय जब यात्री अपना कार्ड बाणगंगा या कटरा में स्कैन करेंगे तभी उनका समय शुरू हो जाएगा। अगर कोई यात्री 24 घंटे के बाद वापस नहीं लौटता है तो सिस्टम में उसकी ट्रैकिंग की जाएगी और देरी का कारण पूछा जा सकता है।
श्राइन बोर्ड की अपील
यात्रियों के लिए सुझाव श्राइन बोर्ड ने अपील की है कि श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना इसी समय सीमा को ध्यान में रखकर बनाएं। जो भक्त शारीरिक रुप से असमर्थ हैं या बुजुर्ग हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर समय में कुछ रियायत दी जा सकती है। लेकिन सामान्य यात्रियों को नियमों का पालन करना होगा।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। अगर आप जल्द ही दरबार जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इन नए नियमों को ध्यान में रखकर ही यात्रा करें।
