हरियाणा के इस गांव में फ्री मिलता है दूध, जानें फिर कैसे करते हैं कमाई
हरियाणा के नूंह जिले के पास स्थित गांव की आबादी 4 हजार है। इस गांव को छपेड़ा के नाम से जाना जाता है। यहां के हर घर में करीब 2 या 3 गाय और भैंस जरुर हैं। लेकिन इसके बाद भी यहां पर कोई दूध का व्यापार नहीं करता है।
- Written By: प्रीति शर्मा
हरियाणा के इस गांव में फ्री मिलता है दूध
Free Milk Village: प्रति दिन महंगाई बढ़ती जा रही है और जरूरत की चीजें लेने के लिए भी लोगों को काफी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं। खाने पीने की चीजों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। अगर हम दूध की बात करें तो यह शहरों में 80 से 100 रुपए लीटर बिक रहा है। वहीं गांव में इसकी कीमत कुछ कम हो जाती है। लेकिन एक गरीब व्यक्ति के लिए रोजाना बच्चे को दूध पिलाना इस महंगाई में संभव नहीं है। लेकिन कैसा होगा अगर आपको दूध फ्री में मिल जाए। इसके लिए आपको कोई पैसे नहीं देने पड़ें। जी हां, हरिणाया के एक गांव में आपको यह सुविधा मिलेगी। यहां पर दूध, लस्सी जैसी चीजें मुफ्त में मिलती हैं।
हरियाणा के नूंह जिले के पास स्थित गांव की आबादी 4 हजार है। इस गांव को छपेड़ा के नाम से जाना जाता है। यहां के हर घर में करीब 2 या 3 गाय और भैंस जरुर हैं। लेकिन इसके बाद भी यहां पर कोई दूध का व्यापार नहीं करता है। जिसे भी दूध की जरुरत होती है उसे फ्री में दिया जाता है। लेकिन इसे बेचा नहीं जाता है।
क्यों देते हैं मुफ्त दूध
गांव के लोगों के अनुसार 150 साल पहले एक भयानक महामारी बहुत ही तेजी से फेल रही थी जिसकी वजह एक एक करके सारे जानवर मरने लगे। उस समय गांव के एक महंत फूलपुरी ने जिंदा बचे हुए जानवरों को किसी पेड़ से बांध दिया। इसके बाद निवासियों से कहा कि आज के बाद गांव में दूध नहीं बेचा जाएगा। इस गांव के लोगों ने महंत की बात मानी और उस दिन से कभी दूध नहीं बेचा। धीरे-धीरे जानवरों के बीच फैली महामारी भी ठीक होने लगी। कहा जाता है कि इस घटना के बाद कोई व्यक्ति दूध बेचने की कोशिश करता है तो उसके साथ अनहोनी हो जाती थी।
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गांव वासियों के अनुसार गांव के जानवरों में दशकों से किसी भी तरह की महामारी नहीं आई है। इस परंपरा को लोगों को काफी फायदा हुआ। अगर गांव में कोई शादी या इवेंट होता है तो गांव में फ्री में दूध मिलता है।
