भागदौड़ भरी जिंदगी में बिताना चाहते हैं सुकून के पल, भारत के इस गांव में बैठकर उठाएं सूर्योदय का आनंद
जिस वक्त हम सोते हैं उस समय देश के किसी छोटे से गांव में सुबह की शुरुआत होती है। दरअसल हम बात कर रहे हैं अरुणाचल प्रदेश के उस गांव की जहां पर सुबह सबसे पहले होती है। यहां के गांव में सबसे पहले सूरज उगता है क्योंकि भारत का की यह जगह मेरिडियन लाइन के सबसे करीब है।
- Written By: प्रीति शर्मा
सूर्योदय (सौ.सोशल मीडिया)
अरुणाचल प्रदेश: आजकल की व्यस्त लाइफस्टाइल के चलते अक्सर हमें सुकून के पल नहीं मिल पाते हैं। शहरी जीवन में उस तरह का अहसास नहीं होता है, जिस तरह गांव की जिंदगी में जो कि काफी धीमी और खूबसूरत लगती है। अक्सर हम वीकेंड या छुट्टियों में विदेश यात्रा या किसी बड़ी जगह पर घूमने का प्लान करते हैं। इन जगहों की खूबसूरती अलग और अनोखी है लेकिन भारत में कुछ जगहें ऐसी भी हैं जो आपकी आंखों में हमेशा के लिए बस सकती है। जैसे सुबह की पहली किरण देखना कई लोगों को बहुत ही सुकून और आनंद का अहसास देता है। भारत में ऐसी जगहें मौजूद हैं जहां आप यह अनुभव ले सकते हैं। अगर आप भी इस तरह के प्राकृतिक नजारों के शौकीन हैं, तो सूर्योदय का आनंद लेने के लिए भारत की इस छोटी सी जगह पर जा सकते हैं।
जिस समय लगभग पूरा भारत सो रहा होता है उस समय अरुणाचल प्रदेश के एक गांव में सूरज की पहली किरणें पड़ती हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं अरुणाचल प्रदेश के उस गांव की जहां पर सुबह सबसे पहले होती है। इस जगह सबसे पहले सूरज उगता है क्योंकि भारत का यह गांव मेरिडियन लाइन के सबसे करीब है। जिसकी वजह से भारत के बाकी हिस्सों में रात होती है, तो वहीं इस गांव में सूर्योदय हो चुका होता है।
इस गांव में बैठकर लें सूर्योदय का आनंद
भारत का वह गांव जहां पर सूर्योदय सबसे पहले होता है उसका नाम डोंग गांव है। यह उत्तर पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में पड़ता है। इस गांव की खूबसूरती और उगते हुए सूरज को देखने के लिए भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं। इस गांव को भारत का पहला ‘सूर्योदय स्थल’ भी कहा जाता है। प्राकृतिक नजारों के शौकीन लोगों को यहां आकर सुकून का अनुभव होता है। सूरज की पहली किरणें जब इस गांव पर पड़ती है, तो यहां का नजारा बहुत ही मनमोहक दिखाई देता है। सूर्य की रोशनी इस गांव में नई ऊर्जा का संचार करती है।
सम्बंधित ख़बरें
Pune Murder Case: भिड़े पुल के पास मिले शव की गुत्थी सुलझी, पैसे के विवाद में हत्या
मुंबई के मानखुर्द में भीषण अग्निकांड, तड़के 5 बजे आग के तांडव से कई दुकानें खाक, आसमान में छाया धुएं का गुबार
जल्दी आ जाइये अमित जी…महिला के कमेंट पर अमित शाह ने किया रिप्लाई, बोले- 10 मिनट में पहुंच रहा हूं
Pune Municipal Corporation की होर्डिंग नीति ठंडे बस्ते में, फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद यू-टर्न
डोंग वैली (सौ. सोशल मीडिया)
डोंग वैली की खासियत
अरुणाचल प्रदेश की गोद में बसा डोंग वैली भारत का एक अद्भुत और खूबसूरत गांव हैं। इसे उगते हुए ‘सूरज की भूमि’ के नाम से भी जाना जाता है। देश के सबसे पूर्वी छोर पर बसे होने के कारण सूर्य की किरणें इस गांव को और सुंदर बना देती हैं। इसकी ऊंचाई की बात करें तो यह करीब 1240 मीटर है। इस गांव में सूर्योदय देखने के लिए लोग रात के 2 या 3 बजे ही पहुंच जाते हैं।
कैसे ले सकते हैं गांव में एंट्री
डोंग गांव में एंट्री लेने के लिए आपको परमिट लेने की जरूरत होगी। डोंग गांव के पास कई स्वदेशी जनजातियां रहती हैं, जिसकी वजह से यह क्षेत्र प्रतिबंधित है। भारत के अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को यहां पर इनर लाइन परमिट लेना पड़ता है। यह भारत सरकार द्वारा कुछ विशेष शर्तों पर दिया जाता है। बता दें कि डोंग वैली में सूर्योदय देखने के लिए आपको अंधेरे में ट्रेकिंग करना होगा। अगर आप अरुणाचल प्रदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार इस जगह का अनुभव जरूर लें।
डोंग वैली जाने के लिए क्या करें
डोंग वैली पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको डिब्रूगढ़ हवाई अड्डा जाना होगा। इसके बाद आप कैब, टैक्सी या बस के जरिए डोंग वैली पहुंच सकते हैं। इसके लिए 6 से 7 घंटे लग सकते हैं। अगर आप ट्रेन से ट्रेवल कर रहे हैं, तो गुवाहाटी आ सकते हैं। यहां से भी डोंग वैली के लिए आप जा सकते हैं।
