ब्रज होली। इमेज-सोशल मीडिया
Braj Holi 2026 News: ब्रज की होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, परंपरा और संस्कृति का अनोखा संगम है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव में मनाई जाने वाली ब्रज होली दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां की लठमार होली, फूलों की होली और फाग उत्सव इसे भारत की सबसे खास होली बना देते हैं। अगर आप Braj Holi 2026 में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो यह ट्रेवल गाइड और जरूरी टिप्स आपकी यात्रा को सुरक्षित और यादगार बना देंगे।
ब्रज क्षेत्र में होली 40 दिनों तक चलती है। इसकी शुरुआत मथुरा और वृंदावन से होती है। वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर की फूलों की होली और विधवा होली बहुत प्रसिद्ध है। बरसाना में लठमार होली मुख्य आकर्षण है। यहां महिलाएं पुरुषों को प्रतीकात्मक रूप से लाठियों से मारती हैं। नंदगांव की होली में लोकगीत और रंगों का अनोखा मेल देखने को मिलता है। मथुरा में अंतिम दिन की होली बेहद भव्य होती है।
ब्रज होली बसंत पंचमी से शुरू हो जाती है और इसकी तारीखें हर साल बदलती हैं। 2026 में होली से लगभग 7-10 दिन पहले से ही कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। आप भीड़ से बचना चाहते हैं, तो फूलों की होली या लठमार होली से 1-2 दिन पहले पहुंचना बेहतर रहता है।
नजदीकी रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन है। नजदीकी एयरपोर्ट आगरा और दिल्ली है। दिल्ली से मथुरा की दूरी करीब 180 किलोमीटर है। वृंदावन और मथुरा में लो बजट से लेकर लग्जरी होटल उपलब्ध हैं। होली सीजन में होटल पहले से बुक कर लें, क्योंकि रेट बहुत बढ़ जाते हैं। मंदिर परिसर के आसपास के होटल काफी महंगे होंगे। ऐसे में कम बजट के लिए मंदिर से थोड़े आसपास के होटल में ठहर सकते हैं।
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सफेद या पुराने कपड़े पहनें। मोबाइल और वॉलेट वाटरप्रूफ कवर में रख दें। ऑर्गेनिक रंगों का इस्तेमाल करें। भीड़ में ग्रुप से अलग नहीं हों। कैमरा और चश्मा जरूर रखें। ज्यादा कीमती गहने न पहनें।