आइजोल भारत की इकलौती साइलेंट सिटी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Peaceful North East India Tour: मिजोरम की राजधानी आइजोल को भारत की एकमात्र ‘साइलेंट सिटी’ के रूप में जाना जाता है जो अपनी शांति के लिए प्रसिद्ध है। यहां की सड़कों पर बड़े शहरों जैसा शोर-शराबा और हॉर्न की आवाजें सुनाई नहीं देतीं जिससे पर्यटकों का मन पूरी तरह मोह जाता है। अगर आप भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर किसी शांत जगह की तलाश में हैं तो यह शहर आपके लिए एक बेहतरीन गंतव्य है। यहां के लोग शिष्टाचार और अनुशासन का पालन करते हुए बिना किसी ट्रैफिक लाइट के भी सुव्यवस्थित तरीके से चलते हैं।
आइजोल शहर समुद्र तल से लगभग 1132 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और पहाड़ियों से घिरा है। इसे इसकी सुंदर वादियों के कारण ‘लैंड ऑफ हाइलैंडर्स’ के नाम से जाना जाता है। यहां किसी भी स्थान पर खड़े होकर आप घंटों तक प्राकृतिक सुंदरता को निहार सकते हैं।
इस शहर में सड़कों पर गाड़ियों का शोर सुनाई नहीं देता और न ही ओवरटेक करने की होड़ होती है। लोग पीक ऑवर्स के दौरान भी एक-दूसरे के साथ बहुत विनम्रता और शिष्टाचार से पेश आते हैं। आइजोल भारत की इकलौती साइलेंट सिटी है जो अपने बेहतरीन ट्रैफिक एटिकेट्स के लिए जानी जाती है।
यहां सड़कों पर बाईं ओर चलते समय टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं। दाईं और बाईं लेन को अलग करने के लिए कोई कंक्रीट डिवाइडर नहीं बल्कि सिर्फ एक सफेद पट्टी है। अगर कोई जल्दी में हो तो वह हल्की बीप देकर आगे जाने की इजाजत मांग सकता है।
इस शहर की व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित है कि यहां सड़कों पर ट्रैफिक लाइट की आवश्यकता नहीं होती। स्थानीय लोग लगातार हॉर्न बजाने और तेजी से गाड़ी चलाने को एक शर्मनाक हरकत मानते हैं। यहां बिना किसी सिग्नल के भी लोग बहुत ही सभ्य और सुरक्षित तरीके से सड़कों पर चलते हैं।
आइजोल में घूमने के लिए सोलोमन मंदिर, मिजोरम स्टेट म्यूजियम और बारा बाजार जैसे प्रसिद्ध स्थान हैं। शहर से 10 किमी दूर स्थित रिक गांव अपनी खूबसूरती से दुनियाभर के पर्यटकों का मन मोह लेता है। हर साल हजारों पर्यटक इस छोटे और शांत गांव को एक्सप्लोर करने के लिए यहां पहुंचते हैं।
आइजोल पहुंचने के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है इसलिए आपको सिलचर स्टेशन पर उतरना पड़ता है। हवाई मार्ग के लिए लेंगपुई एयरपोर्ट सबसे सुलभ माध्यम है जहां से बड़े शहरों की फ्लाइट्स मिलती हैं। सिलचर से आइजोल तक की शेष यात्रा आप टैक्सी या निजी कैब के माध्यम से कर सकते हैं।
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यहां के लोग ट्रैफिक रूल्स का पालन कानून के डर से नहीं बल्कि अपने शिष्टाचार के कारण करते हैं। सड़कों पर शोर कम होने के कारण थके हुए दिमाग को यहां आकर काफी शांति और आराम मिलता है। यह प्रदूषण मुक्त शहर अपनी खूबसूरती और अनुशासन के कारण हर पर्यटक का दिल जीत लेता है।