

YouTube Settlement: Google की मालिकाना हक वाली वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनी YouTube ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद को आखिरकार सुलझा लिया है। कंपनी ने इस मामले में ट्रंप को लगभग 217 करोड़ रुपये (24.5 मिलियन डॉलर) चुकाने पर सहमति जताई है। यह समझौता जनवरी 2021 में शुरू हुए उस विवाद का अंत करेगा, जब कैपिटल हिल हिंसा के बाद ट्रंप का आधिकारिक चैनल YouTube ने बंद कर दिया था।
जनवरी 2021 में जब कैपिटल हिल पर हिंसा हुई, तो YouTube ने आरोप लगाया कि ट्रंप के वीडियो उसकी नीतियों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसी आधार पर कंपनी ने उनका चैनल सस्पेंड कर दिया और कमेंट सेक्शन को भी बंद कर दिया। उस समय ट्रंप के करीब 27 लाख सब्सक्राइबर्स थे और वे लगातार वीडियो साझा कर रहे थे। ट्रंप का आरोप था कि YouTube राजनीतिक रूप से पक्षपाती है और वह कंजर्वेटिव्स की आवाज दबाना चाहती है। इसके बाद ट्रंप ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया।
ट्रंप के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि YouTube ने यह नहीं बताया कि कौन-सा वीडियो नियमों का उल्लंघन कर रहा था। इसके चलते मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया। अब सैटलमेंट के बाद यह विवाद समाप्त हो जाएगा। यह खबर ऐसे समय आई है जब हाल ही में YouTube ने घोषणा की थी कि कोविड-19 महामारी और कैपिटल हिल हिंसा के दौरान बंद किए गए चैनलों से पाबंदी हटाई जाएगी।
यह पहला मौका नहीं है जब किसी टेक कंपनी ने ट्रंप के साथ समझौता किया हो। उनके दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद X (पूर्व ट्विटर) और Meta (Facebook की मूल कंपनी) समेत कई कंपनियां मुकदमों को निपटाने के लिए उनके साथ सुलह कर चुकी हैं।
इस समझौते के साथ ट्रंप और YouTube के बीच चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया कंपनियों और राजनीतिक हस्तियों के बीच रिश्ते कितने जटिल हो सकते हैं।