Nikita Bier X Post (Source. Freepik)
Digital Security: हम सभी स्पैम कॉल से परेशान हैं। जैसे ही फोन उठाते हैं, सामने से ऑटोमेटेड आवाज या कोई क्रेडिट कार्ड बेचने वाला। लेकिन आने वाले दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है। Elon Musk के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के प्रोडक्ट हेड Nikita Bier ने ऐसी चेतावनी दी है, जो आम मोबाइल यूज़र्स के लिए चिंता बढ़ाने वाली है।
Nikita Bier ने X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि अगले 90 दिनों के अंदर कॉल, मैसेज और ईमेल जैसे लगभग सभी कम्युनिकेशन चैनल स्पैम से इतने भर सकते हैं कि उनका उपयोग करना मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने लिखा, “Prediction: In less than 90 days, all channels that we thought were safe from spam & automation will be so flooded that they will no longer be usable in any functional sense: iMessage, phone calls, Gmail.” यानी iMessage, फोन कॉल और Gmail जैसे प्लेटफॉर्म भी पूरी तरह स्पैम से जाम हो सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “And we will have no way to stop it.” यानी इसे रोकने का कोई कारगर तरीका भी शायद हमारे पास न बचे।
यह सवाल उठना लाज़मी है कि जब पहले से स्पैम कॉल और ईमेल मौजूद हैं, और प्लेटफॉर्म्स पर स्पैम फिल्टर भी हैं, तो फिर हालात इतने खराब कैसे हो सकते हैं? इसका जवाब Nikita Bier ने एक अन्य टिप्पणी में दिया। उन्होंने संकेत दिया कि OpenClaw नामक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म इस खतरे को बढ़ा सकता है। यह प्लेटफॉर्म लोगों को अपने ऑन-डिवाइस AI एजेंट बनाने की सुविधा देता है।
Prediction: In less than 90 days, all channels that we thought were safe from spam & automation will be so flooded that they will no longer be usable in any functional sense: iMessage, phone calls, Gmail. And we will have no way to stop it. — Nikita Bier (@nikitabier) February 11, 2026
उन्होंने लिखा, “Wait until every person who wants to make $50/day sets up OpenClaw. Before there was a technical barrier to this.” यानि पहले इस तरह के ऑटोमेटेड सिस्टम बनाना तकनीकी रूप से कठिन था, लेकिन अब यह काम आसान और सस्ता हो सकता है।
OpenClaw की मदद से कोई भी व्यक्ति अपने पर्सनल AI एजेंट बना सकता है, जो उसकी ओर से ऑटोमेटेड मैसेज, ईमेल या सोशल मीडिया गतिविधियां चला सकता है। Nikita Bier का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति लगभग 50 डॉलर (करीब ₹4,500) प्रतिदिन खर्च करे, तो वह बड़े पैमाने पर स्पैमिंग सिस्टम खड़ा कर सकता है। पहले जहां यह काम संसाधन और विशेषज्ञता मांगता था, अब यह आम लोगों के लिए भी संभव हो सकता है।
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अगर यह भविष्यवाणी सच साबित होती है, तो कॉल, मैसेज और ईमेल जैसे हमारे रोजमर्रा के साधन भरोसेमंद नहीं रहेंगे। ऐसे में डिजिटल सुरक्षा और पहचान की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है।