अश्लील पोस्ट मामले में एक्स ने गलती मानी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Grok AI Controversy: सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने भारतीय कानूनों और दिशानिर्देशों के पालन के मामले में अपनी गलती मान ली है। कंपनी ने भरोसा दिया है कि वह अब भारत के कानूनों के अनुरूप कार्य करेगी। एक्स ने अब तक लगभग 3,500 कंटेंट पोस्ट ब्लॉक किए और 600 खातों को डिलीट किया है। इसके साथ ही कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी प्रकार के अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री को अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) द्वारा जारी नोटिस के बाद हुई है। मंत्रालय ने एक्स को चेतावनी दी थी कि उसका एआई टूल ‘ग्रोक’ गलत उपयोग के कारण महिलाओं की अश्लील, अपमानजनक और आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाने में इस्तेमाल हो रहा है। प्रारंभ में एक्स को 5 जनवरी तक कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) जमा करनी थी, लेकिन सरकार ने मोहलत बढ़ाकर 7 जनवरी कर दी। नोटिस में कहा गया कि प्लेटफाॅर्म पर सुरक्षा उपायों और निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता आईटी कानून और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन है।
मंत्रालय ने एक्स को निर्देश दिया था कि वह ‘ग्रोक’ पर मौजूद सभी अश्लील और गैरकानूनी सामग्री को तुरंत हटाए, अन्यथा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 72 घंटे के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने का आदेश भी दिया गया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आईटी कानून की धारा 79 के तहत प्लेटफ़ॉर्म को मिलने वाला कानूनी संरक्षण केवल तभी लागू होगा, जब वह पूरी तरह उचित सावधानी अपनाए।
इसके अलावा, एक्स को तकनीकी और प्रक्रियागत खामियों की समीक्षा करने, कंटेंट मॉनिटरिंग को सख्त करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले यूजर्स के खातों को ब्लॉक या निलंबित करने जैसे कदम उठाने को कहा गया था। मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले से मौजूद अवैध सामग्री को तुरंत हटाया जाए या उसका एक्सेस रोका जाए।
यह भी पढ़ें: कैलिफोर्निया में ICE के खिलाफ महासंग्राम: सड़कों पर उतरे हजारों लोग, ‘आईसीई आउट’ के लगे नारे
भारत सरकार ने चेतावनी दी कि अगर एक्स नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ आईटी कानून और बीएनएस के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है और धारा 79 के तहत मिलने वाला संरक्षण भी समाप्त हो सकता है। एक्स ने अपने सेफ्टी हैंडल पर कहा है कि वह अवैध और प्रतिबंधित सामग्री के खिलाफ कार्रवाई करेगा, उन्हें हटाएगा और संबंधित खातों को स्थायी रूप से निलंबित करेगा, साथ ही जरूरत पड़ने पर स्थानीय सरकारों के साथ सहयोग भी करेगा।