WhatsApp में इन चीजों को करना है जरूरी। (सौ. Design)
नवभारत टेक डेस्क: व्हाट्सएप दुनिया का सबसे लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप है, जिसका इस्तेमाल करोड़ों लोग रोज़ाना करते हैं। यह सिर्फ चैटिंग के लिए ही नहीं, बल्कि पर्सनल और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन के लिए भी बेहद जरूरी बन चुका है। लेकिन, साइबर अपराधियों की नजरें इस पर भी टिकी रहती हैं। छोटी-छोटी गलतियां आपका व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने का कारण बन सकती हैं। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है! कुछ सावधानियां बरतकर आप अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानते हैं, वे कौन-सी गलतियां हैं जिनसे आपको बचना चाहिए।
1. OTP या वेरिफिकेशन कोड शेयर करना
“किसी के साथ भी अपना वन-टाइम पासवर्ड (OTP) या व्हाट्सएप वेरिफिकेशन कोड शेयर न करें।” हैकर्स इसी कोड के जरिए आपके अकाउंट को एक्सेस कर सकते हैं और आपको बिना बताए आपके व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए, कोई भी OTP मांगे तो सतर्क रहें और तुरंत रिपोर्ट करें।
2. अनजान लिंक पर क्लिक करना
व्हाट्सएप पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। खासकर वे लिंक जो अनजान नंबर से आए हैं या फेक ऑफर्स का दावा कर रहे हैं। ये लिंक आपके फोन में मालवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं और आपकी पर्सनल जानकारी चोरी कर सकते हैं।
3. पब्लिक वाई-फाई का उपयोग करना
पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क पर व्हाट्सएप चलाने में खतरा होता है। साइबर अपराधी इन नेटवर्क्स पर एक्टिव रहते हैं और आपके डेटा को इंटरसेप्ट कर सकते हैं। अगर आपको जरूरी काम करना हो तो VPN का इस्तेमाल करें या मोबाइल डेटा पर स्विच करें।
4. ऐप अपडेट को नजरअंदाज करना
व्हाट्सएप को हमेशा लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें। हर नए अपडेट में सुरक्षा से जुड़े सुधार किए जाते हैं, जिससे हैकिंग के जोखिम कम हो जाते हैं। पुराने वर्जन में सुरक्षा कमजोरियां हो सकती हैं, इसलिए ऐप को अपडेट रखना जरूरी है।
टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें
5. टू-स्टेप वेरिफिकेशन इनेबल न करना
“टू-स्टेप वेरिफिकेशन आपके अकाउंट की सुरक्षा को दोगुना कर देता है।” इसलिए, इसे जरूर इनेबल करें। यह अतिरिक्त सुरक्षा परत आपके अकाउंट को अनधिकृत एक्सेस से बचाने में मदद करती है।
व्हाट्सएप अकाउंट की सुरक्षा आपके हाथ में है। थोड़ी सी सतर्कता और सही प्रैक्टिस से आप अपने अकाउंट को हैकिंग से बचा सकते हैं। अनजान लिंक, OTP शेयर करना और पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करने जैसी गलतियों से दूर रहें और टू-स्टेप वेरिफिकेशन को इनेबल करें।