

WhatsApp Old Android iPhone: WhatsApp यूजर्स के लिए कंपनी ने पुराने सॉफ्टवेयर वाले डिवाइस को लेकर नया कदम उठाया है। बता दें कि WhatsApp अब कुछ ऐसे Android और iPhone यूजर्स का लॉगिन रोक रहा है जिनके फोन में पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम चल रहा है। इसको लेकर WABetaInfo की रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ यूजर्स को लॉगिन के दौरान एक स्क्रीन दिखाई जा रही है जिसमें पहले फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट करने के लिए कहा जा रहा है। वहीं यह बदलाव अभी के लिए चुनिंदा अकाउंट्स पर सर्वर की तरफ से लागू किया जा रहा है।
नए अलर्ट के सामने आने के बाद यूजर सीधे WhatsApp में लॉगिन नहीं कर सकता। उसे फोन की Settings में जाकर उपलब्ध सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल करना होगा। इस अपडेट के पूरा होने के बाद ही WhatsApp पर वापस लॉगिन किया जा सकेगा। जिसकी खास बात यह है कि यह बदलाव WhatsApp के नए ऐप वर्जन को डाउनलोड करने से जुड़ा नहीं है। वहीं रिपोर्ट बताती है कि यह server-side change है। जो सीधे तौर पर बताता है कि कंपनी किसी अकाउंट पर यह नियम लागू करती है तो ऐप को दोबारा इंस्टॉल या अपडेट किए बिना भी लॉगिन स्क्रीन दिखाई दे सकती है। वहीं अभी WhatsApp ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस नए लॉगिन ब्लॉक के लिए कौन-कौन से OS वर्जन ट्रिगर होंगे।
पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम में नए सिक्योरिटी पैच और सुरक्षा सुधार उपलब्ध नहीं हो सकते। ऐसे डिवाइस पुराने सुरक्षा खतरों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं। WhatsApp ने इसको लेकर बताया है कि पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट से हटाने का एक कारण नए टेक्नोलॉजी और सुरक्षा मानकों के साथ बने रहना है। वहीं WhatsApp ने सितंबर 2026 से Android 6.0 से पुराने वर्जन का सपोर्ट भी खत्म कर दिया है। जिससे अब Android 5.0 और 5.1 पर चलने वाले फोन WhatsApp इस्तेमाल नहीं कर सकते।
इस नए बदलाव को iPhone यूजर्स के लिए भी रखा गया है जिससे सपोर्ट में बदलाव आ गए है। बता दें कि WhatsApp के आधिकारिक Help Center के मुताबिक, फिलहाल iOS 15.1 या उसके बाद के वर्जन सपोर्टेड हैं लेकिन 30 नवंबर 2026 से iOS 15.5 या नया वर्जन जरूरी होगा। इसलिए पुराने फोन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को अभी Settings में जाकर Software Update चेक कर लेना चाहिए। अगर नया अपडेट उपलब्ध है तो उसे इंस्टॉल करना WhatsApp की एक्सेस बनाए रखने का सबसे आसान तरीका है। वहीं अगर फोन का हार्डवेयर आगे का OS अपडेट ही सपोर्ट नहीं करता तो भविष्य में डिवाइस बदलने की जरूरत पड़ सकती है।