दुश्मनों की दिमाद में घूसने की तैयारी में ट्रंप! AI को बनाया हथियार,लॉन्च किया जेनेसिस मिशन
Trump Launch Genesis Mission: जेनेसिस मिशन ट्रंप प्रशासन की एक बड़ी पहल है, जो उन्नत AI की मदद से फेडरल डेटा, सुपरकंप्यूटिंग संसाधन और नेशनल लैब को जोड़कर वैज्ञानिक रिसर्च तेज करती है।
- Written By: अक्षय साहू
अमेरिका ने लॉन्च किया एआई जेनेसिस मिशन (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump AI Genesis Mission: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “जेनेसिस मिशन” नाम की एक नई और बड़ी सरकारी योजना शुरू करने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। इस मिशन का मकसद यह है कि वैज्ञानिक खोजें पहले से ज्यादा तेज और बेहतर तरीके से की जा सकें, और इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का व्यापक उपयोग किया जाए।
व्हाइट हाउस ने इस पहल को इतना महत्वपूर्ण बताया है कि इसकी तुलना अपोलो स्पेस मिशन और मैनहट्टन प्रोजेक्ट जैसी ऐतिहासिक पहलों से की जा रही है। इस मिशन के तहत डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी (DOE) को एक ऐसा यूनिफाइड AI प्लेटफॉर्म बनाना है, जो देशभर के वैज्ञानिक डेटा, सुपरकंप्यूटर, नेशनल लैब और प्राइवेट कंपनियों को एक साथ जोड़कर काम करे।
वैज्ञानिकों को रिसर्च पर फोकस
इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य यह होगा कि वैज्ञानिकों को रिसर्च के लिए जरूरी डेटा, टूल्स और कंप्यूटिंग एक ही जगह पर मिले, ताकि उनका काम आसान और तेज हो सके। व्हाइट हाउस के साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी ऑफिस के प्रमुख माइकल क्रैट्सियोस ने कहा कि जेनेसिस मिशन सरकार की विभिन्न एजेंसियों में चल रही रिसर्च को एक-दूसरे से बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद करेगा। AI की मदद से रिसर्च के नतीजे जल्दी और ज्यादा सटीक मिल सकेंगे, जिससे वैज्ञानिक उन कामों को भी कम समय में कर पाएंगे, जिनमें पहले सालों लगते थे।
सम्बंधित ख़बरें
नवभारत संपादकीय: क्या AI मानवता पर हावी हो रही है? UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की गंभीर चेतावनी
ट्रंप ने खेला बड़ा दांव! अब यूक्रेन खुद बनाएगा पैट्रियट एयर डिफेंस, रूस की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
Iran USA Tension: ट्रंप के अश्लील बयान पर अराघची का कड़ा पलटवार, कहा निडरता से देते हैं करारा जवाब
US Airstrikes: ट्रंप के आदेश पर ईरान में भारी तबाही, बंदर अब्बास और चाबहार में हुए बड़े धमाके
मिशन का एक और बड़ा लक्ष्य यह है कि टेक और बिजनेस सेक्टर में AI की जो तेज तरक्की हो रही है, उसका फायदा स्वास्थ्य, ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों को भी मिले। इससे दवाओं की खोज, नई टेक्नोलॉजी, बेहतर मशीनें और स्वच्छ ऊर्जा के समाधानों में तेजी आएगी।
बिजनेस सेक्टर में AI के उपयोग पर जोर
जेनेसिस मिशन विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान देगा जहाँ रिसर्च बहुत महंगी और समय लेने वाली होती है जैसे बायोटेक्नोलॉजी, जरूरी मटीरियल, न्यूक्लियर फिशन और फ्यूजन ऊर्जा, स्पेस एक्सप्लोरेशन, क्वांटम साइंस और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स। AI के उपयोग से इन क्षेत्रों में काम सस्ता, तेज और अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें: TRAI की बड़ी कार्रवाई: 21 लाख मोबाइल नंबर ब्लॉक, स्पैम और फ़्रॉड कॉल्स पर कसा शिकंजा
डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी अमेरिकन साइंस एंड सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म भी तैयार करेगा, जिसमें हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, AI एजेंट, बड़े डेटासेट और ऑटोमेटेड रिसर्च वर्कफ्लो शामिल होंगे। 60 दिनों में एनर्जी सेक्रेटरी को 20 प्रमुख वैज्ञानिक चुनौतियों की सूची तैयार करनी होगी। 240 दिनों में नेशनल लैब्स की तैयारी का रिव्यू होगा और 270 दिनों में मिशन को कम से कम एक चुनौती पर शुरुआती काम शुरू करना होगा।
