टूथपेस्ट जैसी दिखने वाली इस लचीली बैटरी ने खोले टेक्नोलॉजी के नए रास्ते, जानिए इसकी खासियतें
अब तक लचीली बैटरी बनाने के लिए रबर जैसे खिंचने वाले मटेरियल या स्लाइडिंग जॉइंट्स का उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन अधिक ऊर्जा क्षमता के लिए उनमें भारी एक्टिव मटेरियल डालने से वे कठोर हो जाती थीं और लचीलापन खत्म जाता था।
- Written By: सिमरन सिंह
toothpaste battery technology क्या है। (सौ. X)
नवभारत टेक डेस्क: स्वीडन के वैज्ञानिकों ने एक अनोखी और बेहद लचीली बैटरी का निर्माण किया है, जिसकी बनावट टूथपेस्ट जैसी है। यह बैटरी इतनी लचीली है कि इसे किसी भी आकार में ढाला जा सकता है, जिससे यह भविष्य की तकनीक — जैसे वियरेबल डिवाइसेज़, मेडिकल इक्विपमेंट और रोबोटिक्स — में क्रांति ला सकती है।
पुरानी बैटरियों की सीमाएं और नया समाधान
अब तक लचीली बैटरी बनाने के लिए रबर जैसे खिंचने वाले मटेरियल या स्लाइडिंग जॉइंट्स का उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन अधिक ऊर्जा क्षमता के लिए उनमें भारी एक्टिव मटेरियल डालने से वे कठोर हो जाती थीं और लचीलापन खत्म हो जाता था।
लिंकॉपिंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस समस्या का हल खोज निकाला है। उन्होंने इस नई बैटरी को कंडक्टिव प्लास्टिक और लिग्निन से बनाया है। लिग्निन एक टिकाऊ पदार्थ है जो कागज निर्माण के दौरान बचता है। वैज्ञानिकों ने कहा, “यह बैटरी टूथपेस्ट जैसी है और इसे 3D प्रिंटर की मदद से किसी भी आकार में ढाला जा सकता है। इसकी क्षमता इसके लचीलेपन से प्रभावित नहीं होती।”
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सस्ती, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल
इस बैटरी की खास बात यह है कि इसमें ऐसे मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है जो न केवल सस्ते हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। इसमें दुर्लभ धातुओं का प्रयोग नहीं किया गया है, जो आमतौर पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। यह बैटरी 500 से अधिक बार चार्ज और डिस्चार्ज होने के बाद भी कार्यशील बनी रहती है। साथ ही यह अपनी लंबाई से दोगुना खिंचने पर भी पूरी क्षमता से काम करती है।
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भविष्य में और होगी विकसित
फिलहाल यह बैटरी केवल 1 वोल्ट बिजली स्टोर कर सकती है, जो एक कार बैटरी की तुलना में काफी कम है। लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर इसमें जिंक या मैंगनीज जैसी धातुएं मिलाई जाएं, तो इसे और अधिक शक्तिशाली बनाया जा सकता है।
