

Apple Samsung Market Share India: भारत के स्मार्टफोन बाजार में इस साल दूसरी तिमाही में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। वहीं अप्रैल से जून 2026 के बीच देश में करीब 3.32 करोड़ स्मार्टफोन शिप किए गए जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11.1 फीसदी कम हैं। इसके साथ ही IDC की रिपोर्ट में बताया गया है कि बढ़ती मेमोरी और कंपोनेंट कीमतों के कारण फोन महंगे हुए हैं जिसका सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ा है। वहीं खास बात यह है कि इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स पर दिखाई दिया है।
वहीं चीनी कंपनियों में ज्यादातर बड़े ब्रांड्स ने डबल डिजिट में गिरावट दर्ज की गई है। बता दें कि भारत में नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड बने Vivo के शिपमेंट में Q2 के दौरान 13.9 फीसदी की गिरावट आई और उसकी बाजार हिस्सेदारी 19 फीसदी से घटकर 18.4 फीसदी रह गई। वहीं Oppo के शिपमेंट 8.5 फीसदी, Xiaomi के 10 फीसदी और Realme के 14.2 फीसदी घटे। Poco को भी 12.3 फीसदी की गिरावट झेलनी पड़ी। सबसे बड़ा झटका iQOO को लगा जिसके शिपमेंट में 61 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई।
इस स्थिति में ज्यादातर ब्रांड्स दबाव में रहे वहीं Samsung और Apple ने अपनी स्थिति मजबूत की। Samsung के शिपमेंट में 0.4 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन उसकी बाजार हिस्सेदारी 14.5 फीसदी से बढ़कर 16.4 फीसदी हो गई। Apple के शिपमेंट में 0.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई और उसकी हिस्सेदारी 7.5 फीसदी से बढ़कर 8.5 फीसदी हो गई। महंगे फोन की ओर बढ़ता ग्राहकों का रुझान Apple के लिए खास तौर पर फायदेमंद साबित हुआ है।
IDC ने दी जानकारी में बताया है कि 2026 की पहली छमाही में भारत में 6.42 करोड़ स्मार्टफोन शिप हुए जो पिछले पांच सालों में इस अवधि का सबसे कम आंकड़ा है। लेकिन कंपनियों की कुल कमाई 3.6 फीसदी बढ़ी जिसका सीधा मतलब है कि कम फोन बिकने के बावजूद ग्राहक महंगे मॉडल खरीद रहे हैं। दूसरी तिमाही में औसत स्मार्टफोन कीमत सालाना आधार पर 14.4 फीसदी बढ़ी। महंगे एंट्री-लेवल 5G फोन के बीच सस्ते 4G मॉडल की मांग भी वापस बढ़ी। Q2 में 4G स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 5.8 फीसदी से बढ़कर 11.1 फीसदी हो गई।
बता दें कि स्मार्टफोन खरीदने का तरीका भी बदल रहा है। ऑनलाइन शिपमेंट में 19.8 फीसदी की गिरावट आई और इसकी हिस्सेदारी 46.4 फीसदी से घटकर 41.9 फीसदी रह गई। इसके उलट ऑफलाइन शिपमेंट सिर्फ 3.6 फीसदी घटे और हिस्सेदारी 53.6 फीसदी से बढ़कर 58.1 फीसदी हो गई। वहीं IDC का अनुमान है कि 2026 की दूसरी छमाही में स्मार्टफोन शिपमेंट में 15 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ सकती है। ऐसे में कंपनियों के लिए सस्ते मॉडल, मजबूत ऑफलाइन नेटवर्क और प्रीमियम डिवाइसेज के बीच सही संतुलन बनाना बड़ी चुनौती होगी।