

Curapod M For Menstrual Cramps: हर महीने पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द और ऐंठन कई महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित करता है। अब इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए हैदराबाद की हेल्थ-टेक कंपनी Litemed India ने Curapod M लॉन्च किया है। वहीं भारत में डिजाइन और निर्मित यह डिवाइस Photobiomodulation (PBM), एडैप्टिव पर्सनलाइजेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी को एक साथ लाता है। वहीं कंपनी का इसको लेकर कहना है कि क्लिनिकल इवैल्यूएशन में 80% महिलाओं ने इस्तेमाल के बाद जीरो पेन रिपोर्ट किया गया है।
Curapod M के बारे में बताए तो इसमें रेड और नियर-इंफ्रारेड वेवलेंथ का इस्तेमाल किया जाता है। जिसको लेकर कंपनी बताती है कि इसकी PBM टेक्नोलॉजी पीरियड्स के दर्द और क्रैम्प से जुड़े जैविक प्रक्रियाओं जिसमें प्रोस्टाग्लैंडिन से जुड़े pathways भी शामिल हैं पर काम करने के लिए डिजाइन की गई है। वहीं यह ड्रग-फ्री और हार्मोन-फ्री थेरेपी है जिसे लोअर एब्डोमेन के आसपास इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ मौजूद ऐप यूजर के पीरियड साइकल, दर्द के पैटर्न और पिछले थेरेपी डेटा को समझकर आने वाले साइकल में संभावित दर्द की तीव्रता का अनुमान लगाने के लिए डिजाइन किया गया है।
CURAPOD के फाउंडर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, सूर्य प्रकाश ने कहा, “पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द असल बायोलॉजिकल प्रोसेस की वजह से होता है। Curapod M का मकसद सिर्फ़ दर्द के अहसास का इलाज करना नहीं था बल्कि ऐसी टेक्नोलॉजी बनाना था जो दर्द से जुड़े मैकेनिज़्म पर शुरुआती स्तर पर काम करे। यहीं पर फोटोबायोमॉड्यूलेशन और अडैप्टिव पर्सनलाइज़ेशन एक साथ आते हैं।”
देखा जा रहा है कि भारत में किशोरियों के बीच पीरियड्स क्रैम्प की समस्या काफी आम होती है। वहीं सामने आए 2025 मेटा-एनालिसिस के मुताबिक, भारत में 10 से 19 साल की 53% किशोरियां menstrual pain का अनुभव करती हैं।
इसमें कुछ अहम आंकड़े ये है:
53%: भारतीय किशोरियों में menstrual cramps की prevalence
5 गुना: दर्द होने पर कॉलेज मिस करने की अधिक संभावना
3.2 गुना: concentration कम होने की संभावना
2.4 गुना: poor work satisfaction की संभावना
32%: social withdrawal की रिपोर्ट
1.88 अरब घंटे: संभावित सालाना work/school hours loss का अनुमान
कंपनी ने जानकारी दी है कि Curapod M की भारत में बिक्री Curapod की वेबसाइट, Amazon और Flipkart के जरिए शुरू होने की उम्मीद है। इसकी indicative launch price करीब ₹11,999 बताई गई है और इसे मेट्रो शहरों के साथ Tier-2 बाजारों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। वहीं कंपनी का कहना है कि Curapod M को CDSCO से लाइसेंस और US FDA में रजिस्ट्रेशन प्राप्त है।
साथ ही CURAPOD के को-फ़ाउंडर और CEO, श्री वेलियूर ने कहा, “पीढ़ियों से महिलाएं अपनी ज़िंदगी को मासिक धर्म के दर्द के हिसाब से ढालती रही हैं। हमारा मानना है कि अगली पीढ़ी को कुछ अलग मिलना चाहिए। Curapod M विज्ञान और टेक्नोलॉजी के ज़रिए उस सोच को बदलने की हमारी कोशिश है।”
वहीं Curapod के अनुसार उसका pain-technology platform पहले ही 50,000 से ज्यादा भारतीय घरों में इस्तेमाल हो चुका है और 10 लाख से अधिक therapy sessions पूरे किए जा चुके हैं। लेकिन किसी भी हेल्थ-टेक डिवाइस को इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना और कंपनी के क्लिनिकल दावों को उनके प्रकाशित अध्ययन के संदर्भ में समझना जरूरी है।