NPCI (Source. Design)
UPI One World: भारत की डिजिटल क्रांति एक बार फिर चर्चा में है। National Payments Corporation of India (NPCI) ने अपने ‘UPI One World’ वॉलेट सर्विस को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। यह सुविधा खास तौर पर 16 फरवरी से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में शामिल होने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए उपलब्ध कराई गई है। इस पहल का मकसद विदेशी मेहमानों को बिना भारतीय मोबाइल नंबर या बैंक अकाउंट के भारत में सीधे UPI से पेमेंट करने की सुविधा देना है।
इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत 40 से अधिक देशों से आने वाले विदेशी यात्री अपने प्रवास के दौरान “Made in India” UPI तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्हें न तो भारतीय बैंक खाता खोलने की जरूरत होगी और न ही लोकल मोबाइल नंबर लेने की। यह सुविधा खासतौर पर रोजमर्रा के खर्चों को आसान बनाने और नकद लेनदेन व विदेशी मुद्रा एक्सचेंज पर निर्भरता कम करने के लिए शुरू की गई है।
यह वॉलेट सेवा नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भारत मंडपम स्थित NPCI पवेलियन में अधिकृत प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) जारीकर्ताओं के माध्यम से उपलब्ध है। यूजर्स UPI QR कोड स्कैन करके PPI-UPI एप्लीकेशन के जरिए भुगतान कर सकते हैं। यदि वॉलेट में पैसा बच जाता है तो विदेशी मुद्रा नियमों के अनुसार शेष राशि मूल भुगतान स्रोत में वापस ट्रांसफर की जा सकती है।
इस सेवा का लाभ लेने के लिए विजिटर्स को Transcorp द्वारा विकसित CheqUPI ऐप डाउनलोड करनी होगी। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पासपोर्ट और वीजा दस्तावेज अपलोड करने होंगे, सेल्फी वेरिफिकेशन पूरा करना होगा और UPI PIN सेट करना होगा। इसके बाद एक यूनिक UPI ID जनरेट होगी। यूजर अंतरराष्ट्रीय डेबिट या क्रेडिट कार्ड से एक बार में अधिकतम ₹25,000 तक वॉलेट लोड कर सकते हैं। महीने में दो बार लोडिंग की सीमा है, यानी अधिकतम ₹50,000 तक उपयोग संभव है।
NPCI की ग्रोथ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सोहिनी राजोला ने कहा, “UPI is the world’s largest real-time payment system. By extending the ‘UPI One World’ service to foreign guests at the India AI Impact Summit, we are providing a convenient way to experience India’s real-time payments ecosystem and Made in India technology. This initiative also offers a glimpse into how smoother cross-border payment systems can support a more connected global digital economy.”
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जनवरी 2026 में UPI प्लेटफॉर्म ने 21.7 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिनकी कुल वैल्यू ₹28.3 लाख करोड़ रही। यह आंकड़े भारत के रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम की ताकत और तेजी से बढ़ते उपयोग को दर्शाते हैं। हालांकि, नियामकीय दिशा-निर्देशों के तहत कुछ देशों को इस पायलट प्रोजेक्ट से बाहर रखा गया है।