Zomato-Swiggy की दुकान बंद करने वाले है Mukesh Ambani! सस्ते में राशन देने का है प्लान
रिलायंस JioMart नवी मुंबई और बेंगलुरु के कुछ इलाकों में सेवा को शुरू भी कर दिया है। रिलायंस कंपनी जोमैटो और ब्लैंकेट, स्विग्गी इन्स्टामार्ट और बिग बास्केट जैसी कंपनियां से मुकाबले के लिए तैयार है।
- Written By: सिमरन सिंह
Jiomart अपने यूजर्स को सेवाएं अच्छी और सस्ती देना चाहता है ऐसे में कंपनी ने कई प्लान किए हैं। (सौ. Freepik)
नवभारत डिजिटल डेस्क. रिलायंस हर एक रिटेल में सबसे आगे रहता है और भारत में अब तेजी से सामान को भेजने में भी अपनी रुचि दिखा रहा है। उन्होंने अपने JioMart ऐप के जरिए नवी मुंबई और बेंगलुरु के कुछ इलाकों में सेवा को शुरू भी कर दिया है। रिलायंस कंपनी भी अब जल्द से जल्द सामान पहुंचाने की रेस में शामिल होने वाली है, जिसमें जोमैटो और ब्लैंकेट, स्विग्गी इन्स्टामार्ट और बिग बास्केट जैसी कंपनियां पहले ही बाजार में मौजूद हैं।
पहले रिलायंस कंपनी सिर्फ किराने का सामान जल्दी-जल्दी पहुंचा करती थी, लेकिन अब कपड़े से लेकर छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉनिक सामान रिलायंस डिजिटल और ट्रेड जैसी कई सारी स्टोर्स से संपर्क कर 10 से 15 मिनट से लेकर 30 मिनट के अंदर सामान पहुंचा रही है।
कैसे अलग है ब्लैंकेट्स से रिलायंस
रिलायंस कंपनी ब्लैंकेट, स्विग्गी इन्स्टामार्ट और बिग बास्केट जैसी कंपनियों से कुछ हद तक अलग है। इसमें वह नए स्टोर्स नहीं खोल रहा है, बल्कि पहले से मौजूद दुकानों और बाकी स्टोर्स से डिलीवरी कंपनी का इस्तेमाल कर रहा है। रिलायंस कंपनी ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए डिलीवरी चार्ज, प्लेटफार्म चार्ज और उलझे हुए चार्ज नहीं ले रही। चाहे वह कितने का भी सामान मंगा ले, कंपनी छोटे शहरों और कस्बों में भी काम करना शुरू कर चुकी है, क्योंकि यहां बहुत सारी कंपनियां पहुंच नहीं पाती हैं।
सम्बंधित ख़बरें
टेलीकॉम, रिटेल और FMCG के बाद अब आइसक्रीम पर रिलायंस की नजर, लॉन्च किया नया ब्रांड, कितना बड़ा है मार्केट?
अंबानी परिवार ने किया रिहाना का भव्य स्वागत, विदेशी स्टार पर चढ़ा भारतीय संस्कृति का रंग; देखें PHOTOS
Gautam Adani ने मारी लंबी छलांग, 100 अरब डॉलर के पार होकर बिल गेट्स को भी पीछे छोड़ा
Gautam Adani ने मुकेश अंबानी को नेटवर्थ में पछाड़ा, बने एशिया के सबसे बड़े रईस
ये भी पढ़े: Ratan Tata के निधन के बाद TCS ने लिया बड़ा फैसला, इन चीजों पर लगा दी रोक
छोटे शहरों में जाना टारगेट
रिलायंस कंपनी का टारगेट है कि वह छोटे शहरों और कस्बों में जाए, जिसमें वह 10,000 से 12,000 तरह के सामान बेचना चाहती है। इस तरह 1,150 शहरों में वह काम कर पाएगी। कंपनी का प्लान है कि छोटे शहरों और कस्बों पर वह अपना कब्जा जमा ले, क्योंकि यहां पर सारी कंपनियां नहीं पहुंच पातीं। रिलायंस जल्द से जल्द सामान को पहुंचाने वाली रेस में शामिल होना चाहती है, हालांकि बड़े शहरों में ट्रैफिक ज्यादा होने की वजह से 30 मिनट में सामान पहुंचाना काफी मुश्किल है, लेकिन रिलायंस कंपनी बहुत अमीर है और बहुत तेजी से काम कर रही है, जिससे उन्हें फायदा भी हो रहा है।
