इस्राइल से तकनीकी संबंध तोड़ो, Microsoft कर्मचारियों का विरोध तेज
Protest in Microsoft: गाजा के संघर्ष की गूंज अब अमेरिका तक पहुंच गई है। इस हफ्ते Microsoft के मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
- Written By: सिमरन सिंह
Microsoft ने क्या किया जो हुआ विरोध। (सौ. Design)
Microsoft Gaza Conflict: गाजा में जारी संघर्ष की गूंज अब अमेरिका तक पहुंच गई है। इस हफ्ते Microsoft के मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कंपनी से स्पष्ट मांग रखी कि वह तुरंत इस्राइली सेना से अपने तकनीकी संबंध खत्म करे।
कर्मचारियों की आपत्ति और आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटिश अख़बार द गार्जियन ने दावा किया था कि इस्राइली सेना Microsoft के एज्योर क्लाउड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल गाजा और वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों की फोन कॉल्स की निगरानी के लिए कर रही है। इस खुलासे ने कर्मचारियों के बीच आक्रोश फैला दिया।
Microsoft का जवाब और जांच का आश्वासन
Microsoft ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उसने कोविंगटन एंड बर्लिंग नाम की लॉ फर्म को जांच के लिए नियुक्त किया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सेवाओं की शर्तें इस तरह के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देतीं और मामले की “फौरन और पूरी जांच जरूरी है।”
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सिर्फ जांच नहीं, चाहिए ठोस कार्रवाई
हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि सिर्फ जांच कराना पर्याप्त नहीं है। प्रदर्शनकारी समूहों ने लगातार दबाव बनाया है कि कंपनी इस्राइल को तकनीकी मदद देना बंद करे, क्योंकि यही तकनीक गाजा युद्ध को और भड़काने में इस्तेमाल हो रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के नए दावे
फरवरी में एक अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट दी थी कि Microsoft और इस्राइली रक्षा मंत्रालय के बीच गहरा रिश्ता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अक्तूबर 2023 में हमास के हमले के बाद इस्राइली सेना ने एआई तकनीक का उपयोग 200 गुना बढ़ा दिया।
इसके अलावा रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस्राइली सेना Microsoft एज्योर का इस्तेमाल जासूसी, अनुवाद और डेटा प्रोसेसिंग के लिए करती है और फिर इसे एआई आधारित निशाना साधने वाली प्रणाली से जोड़ देती है।
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कंपनी के पिछले बयान और विवाद
गौरतलब है कि पहले Microsoft ने कहा था कि उनकी जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित हो कि एज्योर या एआई का उपयोग गाजा में नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि जांच किसने की थी और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
इस विवाद के बीच कंपनी ने हाल ही में तीन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इनमें एक ऐसा कर्मचारी भी शामिल था जिसने सीईओ सत्या नडेला का भाषण बीच में रोक दिया था। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या Microsoft अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएगा या फिर मुनाफे के लिए विवादित साझेदारी जारी रखेगा।
