

Apple iPhone Price India: Apple ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च करने के बाद भारत समेत कई बाजारों में अपने कुछ पुराने iPhone मॉडल की कीमतों में बड़ा बदलाव कर दिए है। जिसमें आमतौर पर नई iPhone सीरीज आने के बाद पुराने मॉडल सस्ते हो जाते हैं लेकिन इस बार मामला उल्टा है। बता दें कि Apple ने iPhone 17, iPhone 17e, iPhone Air और iPhone 16 की आधिकारिक कीमतें बढ़ा दी हैं। जिसके बाद भारत में कंपनी की नई कीमतें अब उसकी वेबसाइट पर दिखाई दे रही हैं।
iPhone 17 के बारे में बताए तो इसके 256GB मॉडल की कीमत अब 99,900 रुपये हो गई है जबकि पहले यह फोन 82,900 रुपये में बिक रहा था। जिसका सीधा मतलब है कि अब यह 17,000 रुपये की बढ़ोतरी के साथ मिल रहा है। वहीं इसका 512GB वेरिएंट की कीमत 1,02,900 रुपये से बढ़कर 1,24,900 रुपये हो गई है। वहीं इस मॉडल पर ग्राहकों को 22,000 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे।
इस नए बदलाव में सबसे ज्यादा झटका iPhone Air खरीदने वालों को लगा है। इसका 256GB मॉडल अब 1,49,900 रुपये का है जो पहले 1,19,900 रुपये था। वहीं 512GB मॉडल की कीमत 1,39,900 रुपये से बढ़कर 1,74,900 रुपये हो गई है। इसके साथ ही सबसे बड़ा बदलाव 1TB मॉडल में देखने को मिला रहा है। इसकी कीमत पहले 1,59,900 रुपये थी जो अब बढ़कर 2,24,900 रुपये हो गई है। जिसका सीधा मतलब है कि इस मॉडल के लिए ग्राहकों को 65,000 रुपये ज्यादा देने होंगे।
iPhone 17e के 256GB मॉडल की कीमत अब 79,900 रुपये है जबकि पहले यह 64,900 रुपये में उपलब्ध था। वहीं इसके 512GB वेरिएंट की कीमत भी 84,900 रुपये से बढ़कर 1,04,900 रुपये हो गई है। इसके अलावा iPhone 16 के 128GB मॉडल की कीमत अब 89,900 रुपये हो गई है। रिपोर्टेड पुरानी कीमत 69,900 रुपये थी।
लोगों के मन में यह सवाल तो जरूर है कि कीमतों में यह बदलाव iPhone 18 Pro सीरीज और कंपनी के पहले फोल्डेबल फोन iPhone Duo के लॉन्च के बाद कैसे आ गया है? जिसकी एक बड़ी वजह मेमोरी चिप और दूसरे स्मार्टफोन कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत बताई जा रही है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी कंपोनेंट्स की सप्लाई पर भी दबाव बढ़ा है।
इसके साथ ही Apple के तत्कालीन CEO Tim Cook ने जून में The Wall Street Journal से कहा था, ""दुर्भाग्य से, कीमतें बढ़ना अपरिहार्य है, हम लागत में होने वाली भारी बढ़ोतरी के असर को कम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और हमने अपने ग्राहकों को इससे बचाने की कोशिश की है। हालाँकि अब यह स्थिति ऐसी हो गई है जिसे लंबे समय तक बनाए नहीं रखा जा सकता।"
उन्होंने यह भी कहा था, "ऐसे समय में सप्लाई कम है जब कंज्यूमर डिवाइस चाहते हैं, और मेमोरी बनाने वाली कंपनियाँ कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी कर रही हैं, और हमें निश्चित रूप से कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के लिए मेमोरी की कीमत और सप्लाई को सही लेवल पर वापस लाने की ज़रूरत है। यही असल बात है।"
ऐसे में Apple अब उन कंपनियों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने मेमोरी-चिप की बढ़ती लागत के बीच अपने डिवाइस महंगे किए हैं। जिसका सीधा मतलब है कि नई iPhone सीरीज के बाद पुराने मॉडल पर डिस्काउंट की उम्मीद कर रहे ग्राहकों के लिए फिलहाल तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है।