मोदी सरकार ने WhatsApp को भेजा नोटिस, हैकर्स को खत्म करने की प्लानिंग
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन के हवाले से Meta के साथ स्कैम मुद्दों को उठाया गया है। कृष्णन ने ईटी को बताया
- Written By: सिमरन सिंह
Modi Government ने Whatsapp को भेजा नोटिस। (सौ. AI)
नवभारत टेक डेस्क: मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) द्वारा फेसबुक की मूल कंपनी Meta प्लेटफॉर्म को WhatsApp से शुरू होने वाले स्कैम को रोकने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन के हवाले से Meta के साथ स्कैम मुद्दों को उठाया गया है। कृष्णन ने ईटी को बताया कि यह एक नियंत्रित प्रक्रिया है। स्कैमर्स नए तरीके खोज रहे हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ रही है।
सरकार कर रही है WhatsApp से बात
सरकार द्वारा लगातार WhatsApp जैसी कंपनियों से बात की जा रही है। सरकार चाहती है कि लोग WhatsApp पर होने वाले धोखेबाजी के मामलों की शिकायत करें। अगर आप किसी तरह की भी समस्या देख रहे हैं, तो आप WhatsApp के अंदर या फिर बाहर की शिकायत कमेटी में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
TRAI ने की बात
इसी के साथ, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने MeitY से WhatsApp के माध्यम से स्कैमर्स द्वारा भेजे जाने वाले कॉल और संदेशों की जांच और रोकथाम को लेकर बात की है। रिपोर्ट के अनुसार, TRAI अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी ने ईटी को हाल ही में एक बातचीत में बताया कि WhatsApp कॉल पर वर्तमान में MeitY द्वारा ध्यान दिया जा रहा है, इसलिए हमने पहले ही मंत्रालय को लिखा है कि TRAI पहले ही वॉइस कॉल और एसएमएस के संबंध में काम कर चुका है और उसने उचित कार्यवाही करने का अनुरोध भी किया है।
सम्बंधित ख़बरें
WhatsApp पर किसने किया ब्लॉक…किसका इंटरनेट स्लो, Meta AI खोलेगा सारे राज, बस फाॅलो करें ये आसान सी ट्रिक
WhatsApp का हरा रंग अब जाएगा बदल, अपनी पसंद से चुनें नया कलर और आइकन
WhatsApp का नया Member Tag फीचर: बड़े ग्रुप्स में खत्म होगी कन्फ्यूजन, अब हर मेंबर की भूमिका साफ
WhatsApp अकाउंट सुरक्षा: इन आसान टिप्स से बचाएं अपना पर्सनल डेटा, हैकर्स की नहीं चलेगी चाल
इन प्लेटफार्म पर है नजर
WhatsApp, Signal और Telegram जैसे OTT ऐप वर्तमान में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया और टेलिकॉम विभाग के तहत नहीं आते हैं। ऐसे में नियामक अनुपात के मामले में MeitY के अधिकार क्षेत्र में आने वाली ये सभी चीजें टेलीकॉम रेगुलेटरी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मंत्रालय पर दबाव डाल रही हैं कि वह स्पैम और फ़िशिंग संचार के मामलों की जांच करें और उनकी रोकथाम भी करें, जो कि तेजी से WhatsApp और Telegram के माध्यम से बढ़ रहा है।
एक अधिकारी का यह भी कहना है कि WhatsApp कुछ हद तक DoT के साथ सहयोग कर रहा है और सरकार द्वारा अनुरोध किए जाने पर उन नंबरों को ब्लॉक भी कर रहा है, लेकिन Telegram और Signal जैसे प्लेटफार्म अभी तक कोई भी दृश्य नियंत्रण नहीं कर रहे हैं। जिन्हें स्कैम पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। हालांकि, भारत में WhatsApp का विशाल यूजर बेस है, इस कारण से यह मामला आगे भी बढ़ रहा है।
टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें
