भारत एआई में करेगा दुनिया का नेतृत्व, पीएम वैश्विक मंच पर बढ़ा रहे देश की ताकत: एन. चंद्रबाबू नायडू

India AI Impact Summit 2026 के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भारत की एआई क्षमता को लेकर बड़ा बयान दिया। और भारत को AI के मामले में आने वाला कल बताया है।
India will lead the world in AI, PM is increasing the country's strength on the global stage: N. Chandrababu Naidu
N. Chandrababu Naidu (Source. X)
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N Chandrababu Naidu In AI Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भारत की एआई क्षमता को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश इस समय एक प्रेरणादायक दौर से गुजर रहा है और आने वाले वर्षों में भारत एआई और उससे जुड़े उद्योगों में वैश्विक नेतृत्व कर सकता है।

भारत देगा एआई में वैश्विक नेतृत्व

शिखर सम्मेलन में मीडिया से बातचीत करते हुए एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा, "हम सब बहुत खुश हैं। हमारे प्रधानमंत्री भारत के AI को दुनिया भर में प्रमोट कर रहे हैं। यह प्रेरणा देने वाला समय है। सब कुछ भारत में हो रहा है। भारत AI और उससे जुड़ी इंडस्ट्रीज़ में ग्लोबल लीडरशिप देगा।" उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा वैश्विक मंचों पर एआई को बढ़ावा देने से भारत की साख मजबूत हो रही है।

सिर्फ एआई नहीं, डेटा सेंटर और क्वांटम टेक्नोलॉजी भी

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "सिर्फ़ AI ही नहीं, इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर, AI, क्वांटम, आप जो भी कहें। हम बहुत खुश हैं। चीज़ें पॉज़िटिव हो रही हैं। हम एक इंस्पायरिंग समय में जी रहे हैं। हर किसी को उस दिशा में काम करना होगा।" उनके मुताबिक, भारत में केवल एआई ही नहीं बल्कि इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग और अत्याधुनिक तकनीकों का तेजी से विकास हो रहा है। इससे निवेश, रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलेगी।

आम परिवारों के लिए क्या मायने?

एआई और डेटा टेक्नोलॉजी का विस्तार सीधे तौर पर आईटी सेक्टर, स्टार्टअप्स, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस इंडस्ट्री में नए अवसर पैदा करेगा। मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए यह स्किल डेवलपमेंट और बेहतर सैलरी वाली नौकरियों का रास्ता खोल सकता है।

डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के साथ जुड़कर यह टेक्नोलॉजी गांव-शहर के अंतर को भी कम कर सकती है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं में एआई का उपयोग आम लोगों के जीवन को आसान बना सकता है।

प्रेरणादायक समय, लेकिन जिम्मेदारी भी जरूरी

एन. चंद्रबाबू नायडू का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि भारत एक तकनीकी परिवर्तन के मुहाने पर खड़ा है। हालांकि, इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सरकार, उद्योग और युवाओं तीनों को मिलकर काम करना होगा। अगर भारत ने एआई, डेटा सेंटर और क्वांटम टेक्नोलॉजी में मजबूती हासिल कर ली, तो आने वाले दशक में देश वैश्विक टेक पावर के रूप में उभर सकता है।

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