

HCL Tech Layoffs After AI Investment Announcement: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत की प्रमुख आईटी कंपनी HCL Tech ने AI डेटा सेंटर कारोबार में बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी करीब ₹3,500 करोड़ तक निवेश करने की योजना बना रही है ताकि एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए AI इंफ्रास्ट्रक्चर और फुल-स्टैक AI सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने हाल ही में करीब 3,300 कर्मचारियों की संख्या में कमी दर्ज की है।
HCL Tech का कहना है कि AI की बढ़ती मांग को देखते हुए डेटा सेंटर, GPU, AI मॉडल और एंटरप्राइज एप्लिकेशन जैसी सेवाओं की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी AI डेटा सेंटर बिजनेस में उतर रही है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर आईटी उद्योग की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल होगा।
कंपनी के CEO सी. विजयकुमार के अनुसार, सरकारी संस्थानों और बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों का वर्कलोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सॉवरेन डेटा और सुरक्षित AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि HCL Tech पहले से ही संभावित ग्राहकों के साथ बातचीत कर रही है और एक बड़े ग्राहक के साथ समझौता अंतिम चरण में है।
कंपनी केवल डेटा सेंटर तक सीमित नहीं रहना चाहती। HCL Tech का लक्ष्य डेटा सेंटर, GPU, AI मॉडल और एंटरप्राइज एप्लिकेशन को जोड़कर ग्राहकों को फुल-स्टैक AI सॉल्यूशन उपलब्ध कराना है। CEO का कहना है कि AI ने कंप्यूटिंग की पूरी अर्थव्यवस्था बदल दी है और यही भविष्य में कंपनी की ग्रोथ का नया आधार बनेगा।
कंपनी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते तीन महीनों में कर्मचारियों की संख्या 3,292 कम हुई है। 30 जून तक HCL Tech के कुल कर्मचारियों की संख्या 2,23,889 रही, जबकि मार्च के अंत में यह 2,27,181 थी। कर्मचारियों की संख्या में आई इस कमी के बीच AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की घोषणा ने उद्योग में नई चर्चा शुरू कर दी है।
HCL Tech पिछले कुछ समय से AI इकोसिस्टम में अपने निवेश को लगातार बढ़ा रही है। कंपनी ने हाल ही में भारतीय AI स्टार्टअप Sarvam AI में करीब 150 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1,438 करोड़) का निवेश किया है। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए ChatGPT Enterprise के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए OpenAI के साथ भी साझेदारी की है।
AI टूल्स के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने भारतीय आईटी उद्योग के सामने नई चुनौतियां और अवसर दोनों खड़े किए हैं। जहां कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि AI पारंपरिक आईटी सेवाओं के मॉडल को बदल सकता है, वहीं HCL Tech और TCS जैसी कंपनियां इसे भविष्य की ग्रोथ का बड़ा अवसर मानते हुए AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों में निवेश बढ़ा रही हैं।