

WhatsApp Plus New Feature: Meta अपने लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के लिए एक नया सब्सक्रिप्शन फीचर टेस्ट कर रही है, जिसका नाम "WhatsApp Plus" रखा गया है। यह एक वैकल्पिक सर्विस होगी, यानी सिर्फ वही यूजर्स इसका इस्तेमाल करेंगे जो इसके लिए भुगतान करने को तैयार होंगे। कंपनी का उद्देश्य ऐप को पहले से ज्यादा पर्सनल और कस्टमाइज़ेबल बनाना है।
WhatsApp Plus को एक तरह का कॉस्मेटिक अपग्रेड माना जा रहा है। यानी यह फीचर ऐप के बेसिक कामकाज में बदलाव नहीं करेगा, बल्कि उसके लुक और यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाएगा। यह खास तौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया जा रहा है जो अपने WhatsApp को पारंपरिक ग्रीन-व्हाइट थीम से अलग, एक यूनिक स्टाइल में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
इस पेड सब्सक्रिप्शन के साथ कई एक्स्ट्रा फीचर्स मिलने की संभावना है। सबसे बड़ा बदलाव चैट पिनिंग में हो सकता है जहां अभी यूजर्स केवल 3 चैट्स पिन कर सकते हैं, वहीं सब्सक्राइबर्स को 20 चैट्स तक पिन करने की सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा, यूजर्स को नए चैट थीम्स, कस्टम ऐप आइकन और नोटिफिकेशन को पर्सनलाइज करने के ऑप्शन मिल सकते हैं। यानी अब हर चैट या ग्रुप के लिए अलग रिंगटोन और अलर्ट सेट करना संभव होगा। साथ ही कॉन्टैक्ट्स और ग्रुप्स को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए एडवांस कैटेगरी ऑप्शन भी दिए जा सकते हैं।
फिलहाल कंपनी ने इसकी आधिकारिक कीमत का खुलासा नहीं किया है। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, यूरोप में इसकी कीमत लगभग €2.49 प्रति महीना हो सकती है। कुछ देशों में यह इससे सस्ती भी हो सकती है। टेस्टिंग फेज के दौरान यूजर्स को एक महीने का फ्री ट्रायल मिलने की भी संभावना है।
अभी WhatsApp Plus बीटा टेस्टिंग स्टेज में है, यानी इसे सीमित यूजर्स के साथ परखा जा रहा है। ऐसे में यह साफ नहीं है कि यह फीचर कब सभी यूजर्स के लिए लॉन्च होगा और इसके कौन-कौन से फीचर्स फाइनल किए जाएंगे।
Meta का यह कदम नया नहीं है। इससे पहले Snapchat और Instagram भी अपने पेड वर्जन लॉन्च कर चुके हैं, जहां यूजर्स को एक्स्ट्रा फीचर्स और कस्टमाइजेशन के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि WhatsApp का बेसिक वर्जन पहले की तरह फ्री ही रहेगा। WhatsApp Plus केवल उन यूजर्स के लिए होगा जो अतिरिक्त फीचर्स और पर्सनलाइजेशन चाहते हैं।
अगर यह फीचर लॉन्च होता है, तो यूजर्स अपने WhatsApp को अपनी पसंद के हिसाब से डिजाइन कर पाएंगे, चैट्स को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगे और नोटिफिकेशन पर ज्यादा कंट्रोल पा सकेंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि कितने लोग इन एक्स्ट्रा सुविधाओं के लिए पैसे खर्च करने को तैयार होते हैं।