

Blinkit vs Flipkart Minutes: ई-कॉमर्स की दुनिया अब सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग तक सीमित नहीं रह गई है। आज के समय में ग्राहक सामान ऑर्डर करने के बाद लंबा इंतजार नहीं करना चाहते। जिस कारण से फास्ट कॉमर्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है जहां कंपनियां कुछ ही मिनटों में जरूरी सामान घर तक पहुंचाने का दावा करती हैं। इस बढ़ती मांग के बीच Flipkart Minutes ने अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है और कुछ अहम मामलों में Blinkit के काफी करीब पहुंचता नजर आ रहा है।
स्विस फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी UBS की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि Flipkart Minutes ने अब 1,000 से ज्यादा डार्क स्टोर्स का नेटवर्क तैयार कर लिया है। इन स्टोर्स को करीब 130 शहरों में फैलाया गया हैं। वहीं फास्ट डिलीवरी के लिए डार्क स्टोर्स बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि यहां सामान को ग्राहकों के ऑर्डर के हिसाब से तेजी से पैक और डिस्पैच किया जाता है। इसमें यह भी माना जा रहा है कि कंपनी का नेटवर्क जितना बड़ा होगा उतने ज्यादा इलाकों में ग्राहकों को कम समय में डिलीवरी देने की क्षमता बढ़ेगी। यही रणनीति फास्ट कॉमर्स कंपनियों के बीच मुकाबले को और दिलचस्प बना रही है।
अभी सामने आई रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि Flipkart Minutes के Average Order Value (AOV) Blinkit के आस पास आ गई है। जिसमें स्मार्टफोन की खरीदारी को अलग रखने पर Minutes की औसत ऑर्डर वैल्यू करीब 500 से 530 रुपये के बीच बताई गई है। वहीं Blinkit की औसत ऑर्डर वैल्यू करीब 518 रुपये बताई जा है। जिसका साफ मतलब है कि इस मामले में Flipkart Minutes और Blinkit के बीच अंतर काफी कम रह गया है। जिसको अब कंपनी के लिए खास संकेत के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि ज्यादा AOV का मतलब प्रति ऑर्डर बेहतर कारोबारी संभावना हो सकती है।
जानकारी को देखने के बाद कहा जा रहा है कि Flipkart Minutes को यह फायदा स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स कैटेगरी से मिल रहा है। जिसमें इन सामान के ऑर्डर आने पर औसत ऑर्डर वैल्यू सामान्य ग्रॉसरी ऑर्डर के मुकाबले काफी ज्यादा हो जाती है। वहीं Flipkart को इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन की ऑनलाइन बिक्री का पहले से अनुभव है। ऐसे में Minutes के प्लेटफॉर्म पर इन कैटेगरी की मौजूदगी कंपनी के लिए एक मजबूत प्लस पॉइंट बन सकती है।
UBS की रिपोर्ट में बताया गया है कि Flipkart Minutes के एक स्टोर पर रोजाना करीब 800 से 1,000 ऑर्डर मिल रहे हैं। वहीं पुराने और ज्यादा मैच्योर स्टोर्स में यह संख्या 1,200 से 1,500 ऑर्डर प्रतिदिन तक पहुंच रही है। करीब 60 फीसदी मांग मेट्रो शहरों से आती है लेकिन छोटे शहरों में भी फास्ट कॉमर्स की पहुंच बढ़ रही है।
वहीं कंपनी अगले साल के मध्य तक करीब 1,000 और डार्क स्टोर्स जोड़ने की तैयारी कर रही है। अगर यह विस्तार योजना सफल रहती है तो Minutes की डिलीवरी क्षमता और ग्राहक पहुंच दोनों में बड़ा इजाफा हो सकता है। ऐसे में फास्ट कॉमर्स की रेस में Blinkit और Flipkart Minutes की टक्कर आने वाले समय में और तेज होने की उम्मीद है।