पहचान चुराकर ठग रहे साइबर अपराधी, जानें कैसे फैल रहा है ये नया धोखा और कैसे बचें

Digital Safety: साइबर इम्पर्सोनेशन स्कैम तेजी से बढ़ रहा है, जहां ठग लोगों की पहचान चुराकर उन्हें ही जाल में फंसा रहे हैं। अपनी पहचान को सुरक्षित रखने में चूक होने पर कई बातें करते है।
पहचान चुराकर ठग रहे साइबर अपराधी, जानें कैसे फैल रहा है ये नया धोखा और कैसे बचें
Scam जो आपके लिए है खतरनाक। (सौ. Pixabay)
Published on
Updated on

Cyber Impersonation Scam: देशभर में साइबर इम्पर्सोनेशन स्कैम तेजी से बढ़ रहा है, जहां ठग लोगों की पहचान चुराकर उन्हें ही जाल में फंसा रहे हैं। अपनी पहचान को सुरक्षित रखने में चूक होने पर लोग खुद को अपने “दोस्त या रिश्तेदार” की बातों में फंसाकर पैसा, OTP, UPI PIN और संवेदनशील बैंक जानकारी तक दे देते हैं। यह ठगी अब सबसे खतरनाक साइबर अपराधों में शामिल हो चुकी है।

क्या है साइबर इम्पर्सोनेशन स्कैम?

इस स्कैम में अपराधी किसी परिचित व्यक्ति की पहचान चुरा लेते हैं। वे नाम, प्रोफाइल फोटो, मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया ID, यहां तक कि चैटिंग स्टाइल तक कॉपी कर लेते हैं। इसके बाद वे आपसे संपर्क करते हैं और खुद को वही दोस्त या रिश्तेदार बताकर भरोसा जीतते हैं। इसके बाद किसी आपातकालीन स्थिति का हवाला देकर कहते हैं कि "बहुत जरूरत है, तुरंत मदद करो।" यही विश्वास लोगों को ठगी का शिकार बना देता है।

ठगी कैसे अंजाम देते हैं साइबर अपराधी?

साइबर ठग पहले सोशल मीडिया, WhatsApp और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से किसी व्यक्ति की जानकारी जुटाते हैं। वे उसके फोटो, नाम, मोबाइल नंबर, बातचीत का अंदाज़ सब कुछ कॉपी कर लेते हैं। इसके बाद पीड़ित को मैसेज भेजकर कहते हैं कि वे मुश्किल में हैं और जल्दी पैसे भेजने होंगे। कुछ मामलों में ठग OTP, बैंक डिटेल, UPI PIN तक पूछ लेते हैं, जिससे खाते तुरंत खाली हो जाते हैं। लोग भावनाओं में आकर भरोसा कर लेते हैं और इसी भरोसे का ठग फायदा उठाते हैं।

कैसे बचें इस खतरनाक स्कैम से?

सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। अगर कोई परिचित बनकर आपसे मैसेज या कॉल करे, तो तुरंत उसकी पहचान की पुष्टि करें।

  • पहले उस व्यक्ति को सीधी कॉल करके वेरिफाई करें।
  • किसी भी परिस्थिति में OTP, पासवर्ड, UPI PIN या बैंक डिटेल साझा न करें।
  • सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखें।
  • किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध मैसेज पर क्लिक न करें।
  • याद रखें, असली परिचित कभी भी ऑनलाइन OTP या बैंक जानकारी नहीं मांगते।

शिकायत कैसे करें?

अगर आप इस स्कैम का शिकार हो गए हों या आपको कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

  • cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  • 1930 नंबर पर कॉल करके त्वरित सहायता प्राप्त करें।
  • जल्दी रिपोर्ट करने से ठगी की गई रकम ट्रेस होने की संभावना काफी बढ़ जाती है और अपराधियों को पकड़ना आसान होता है।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com