ऑनलाइन पुराना सामान बेचते समय हो जाएं सतर्क, 21 वर्षीय इंजीनियर से साइबर ठग ने उड़ा लिए 5.21 लाख रुपये
OLX या अन्य प्लेटफॉर्म पर फर्नीचर या सामान बेचते समय सावधान हो जाए। अभी ओडिशा के रहने वाले 21 वर्षीय इंजीनियर सुभ्रा जेना एक साइबर ठगी का शिकार हो गए है। जिससे उन्हें 5 लाख का नुकसान हुआ है।
- Written By: सिमरन सिंह
OLX पर सामान बेचते समय सावधान रहे। (सौ. Design)
भुवनेश्वर: अगर आप भी OLX या अन्य प्लेटफॉर्म पर पुराना फर्नीचर या सामान बेचते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। ओडिशा के रहने वाले 21 वर्षीय इंजीनियर सुभ्रा जेना एक साइबर ठगी का शिकार हो गए, जिसमें उनके और उनकी मां के खाते से कुल ₹5.21 लाख रुपये उड़ा लिए गए। यह घटना बताती है कि छोटी सी लापरवाही भी कितनी महंगी पड़ सकती है।
कैसे हुआ फ्रॉड?
8 मई को सुभ्रा ने एक पुराना सोफा ₹10,000 में बेचने के लिए ऑनलाइन एड डाला। इस पर स्कैमर ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और खुद को “फर्नीचर डीलर राकेश कुमार शर्मा” बताया। दोनों के बीच ₹8,000 में सौदा तय हो गया। स्कैमर ने पेमेंट के बहाने सुभ्रा से बैंक डिटेल्स मांगीं और जब ट्रांजेक्शन “फेल” दिखाया, तो सुभ्रा से उसकी मां के अकाउंट की डिटेल्स भी मांग लीं। यहां सबसे बड़ी चूक हो गई—सुभ्रा ने दोनों अकाउंट्स की जानकारी शेयर कर दी।
अगले ही दिन खाली हो गया खाता
10 मई को स्कैमर ने सुभ्रा को फोन कर बताया कि उनके खाते से गलती से ₹5.22 लाख डेबिट हो गए हैं और वह जल्द लौटाएगा। लेकिन इसके बाद स्कैमर का नंबर बंद हो गया। जब सुभ्रा ने बैंक स्टेटमेंट चेक किया, तो पाया कि ₹5,21,519 रुपये निकल चुके हैं। इसके बाद सुभ्रा ने तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर साइबर डिपार्टमेंट में शिकायत दर्ज कराई।
सम्बंधित ख़बरें
‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई चीज नहीं, साइबर फ्रॉड से बचने का मंत्र, नागपुर पुलिस ने चलाया जनजागृति अभियान
नासिक में डिजिटल माध्यम से घर-घर जनगणना शुरू; नागरिकों से पूछे जाएंगे 34 सवाल, दस्तावेज दिखाना जरूरी नहीं
Instant Loan का चक्कर पड़ सकता हैं भारी, Cyber Dost ने जारी की 10 Fake Loan Apps की लिस्ट
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर साइबर ठगी, वरिष्ठ नागरिक बने निशाना, नासिक में करोड़ों का नुकसान
भारत में Apple की मैन्युफैक्चरिंग पर ट्रंप का विरोध, टिम कुक से नाराजगी जाहिर की
कैसे बचें ऐसे स्कैम से?
- कभी भी बैंक डिटेल्स, UPI पिन या OTP किसी अनजान व्यक्ति से शेयर न करें।
- पेमेंट लेने के लिए QR कोड स्कैन न करें, केवल अपने खाते में पैसे क्रेडिट होने का इंतजार करें।
- व्यक्ति की पहचान और इरादे को परखने के बाद ही कोई डील फाइनल करें।
ध्यान दें
डिजिटल लेन-देन के दौर में थोड़ा सा सावधान रहकर बड़ी धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। ऐसे मामलों में समय पर पुलिस में शिकायत करना जरूरी है।
