Apple, Meta, Google, Microsoft (Source. Design)
Global Tech Threat: मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं और इसका असर दुनिया भर की टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री पर पड़ सकता है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों को लेकर बड़ा बयान जारी किया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
ईरान की मल्टी-सर्विस फोर्स IRGC ने साफ कहा है कि अब फेसबुक, इंस्टाग्राम और WhatsApp की पेरेंट कंपनी Meta, Google और Apple जैसी बड़ी कंपनियां उनके निशाने पर हैं। बयान में कहा गया है कि ये कंपनियां हाई-टेक वॉरफेयर के लिए “जिम्मेदार” हैं, जिसकी वजह से देश की नेतृत्व क्षमता को नुकसान पहुंचा है। IRGC ने इन कंपनियों के कर्मचारियों को तुरंत अपने ऑफिस खाली करने की चेतावनी दी है, जिससे इलाके में डर का माहौल बन गया है।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम के जरिए जारी बयान (अल-जजीरा के मुताबिक) में कहा गया है कि 1 अप्रैल को रात 8 बजे (लोकल टाइम) से इन अमेरिकी टेक कंपनियों को टारगेट करना शुरू किया जा सकता है। मिलिट्री विंग ने इन कंपनियों के ऑफिस के आसपास रहने वाले लोगों और कर्मचारियों से तुरंत इलाका खाली करने को कहा है, ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।
IRGC का कहना है कि अब युद्ध पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ चुका है और टेक कंपनियां इसमें अहम भूमिका निभा रही हैं। आरोप है कि ये कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल टारगेट की पहचान करने के लिए कर रही हैं, जिससे हाई-टेक वॉरफेयर को बढ़ावा मिल रहा है। अल-जजीरा के मुताबिक, बयान में कहा गया, “अब से, ये मुख्य संस्थान हमारे असली टारगेट होंगे।”
❗️ Iran threatens Microsoft, Apple, Google & other top US companies ‘For every assassination, one American company will be destroyed’ ‘Expect destruction of their relevant units starting Wednesday, April 1, in response to each assassination in Iran’ pic.twitter.com/RNMaIWBBrH — RT (@RT_com) March 31, 2026
ये भी पढ़े: मोबाइल में छिपा खतरनाक वायरस, Android यूजर्स हो जाएं सावधान, नहीं तो खाते से उड़ सकते हैं पैसे
AFP की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने 18 से ज्यादा हाई-प्रोफाइल कंपनियों को अपनी हिट लिस्ट में शामिल किया है। इसमें Meta, Google, Apple के अलावा Boeing, Tesla, Intel, Microsoft, Oracle, Palantir और Nvidia जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। यह खतरा सीधे तौर पर इजरायल के नेतृत्व में चल रहे हमलों और US इंटेलिजेंस के समर्थन से जुड़ा बताया जा रहा है।
ईरान ने साफ कहा है कि अगर किसी और ईरानी नेता की targeted assassinations में मौत होती है, तो ये हमले शुरू हो जाएंगे। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि अमेरिकी सरकार और टेक कंपनियों ने उनकी बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया है।