Apple age verification system (Source. Freepik)
Apple Age Verification System: डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Apple ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने सभी प्लेटफॉर्म पर नया ग्लोबल एज-वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाना और ऐप डेवलपर्स को बदलते कानूनों का पालन करने में मदद देना है।
Apple के मुताबिक, यह अपडेट खासतौर पर उन देशों और राज्यों के लिए तैयार किया गया है जहां बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कंपनी ने अपने Declared Age Range API को भी अपग्रेड किया है, जो फिलहाल बीटा वर्जन में टेस्टिंग के लिए उपलब्ध है।
Declared Age Range API एक ऐसा टूल है, जिसकी मदद से ऐप्स यूजर की उम्र की श्रेणी पहचान सकेंगे। यानी अब ऐप यह जान पाएगा कि यूजर बच्चा है, किशोर है या वयस्क। इतना ही नहीं, यह भी पता चलेगा कि उम्र की पुष्टि किस तरीके से की गई है।
Apple का कहना है कि वह डेवलपर्स को ऐसे टूल्स उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे अमेरिका सहित कई देशों में लागू होने वाले नए नियमों के तहत अपनी “एज एश्योरेंस” जिम्मेदारियां निभा सकें। इस दायरे में ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, यूटा और लुइजियाना जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
24 फरवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और सिंगापुर में 18+ रेटिंग वाले ऐप्स डाउनलोड करने के लिए यूजर की वयस्कता की पुष्टि अनिवार्य होगी। यदि उम्र सत्यापित नहीं होती है, तो ऐप डाउनलोड नहीं किया जा सकेगा। ब्राजील में एक अतिरिक्त नियम भी लागू होगा। अगर कोई डेवलपर अपने ऐप में “लूट बॉक्स” की जानकारी देता है, तो उस ऐप की स्टोर रेटिंग सीधे 18+ कर दी जाएगी।
अमेरिका में यह नियम अलग-अलग तारीखों से लागू होगा। यूटा में 6 मई 2026 और लुइजियाना में 1 जुलाई 2026 से डेवलपर्स को Apple की API के माध्यम से यूजर की उम्र सत्यापित करनी होगी। कुछ बड़े ऐप अपडेट के मामलों में पैरेंटल कंसेंट भी जरूरी होगा।
Apple ने डेवलपर्स के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इनमें Declared Age Range API के साथ Significant Change API भी शामिल है, जो PermissionKit के तहत कार्य करेगा। StoreKit में नया एज रेटिंग प्रॉपर्टी टाइप जोड़ा गया है।
App Store Server Notifications की मदद से डेवलपर्स यह ट्रैक कर सकेंगे कि उनका ऐप नियमों का पालन कर रहा है या नहीं। Apple ने स्पष्ट किया है कि किसी बड़े अपडेट की स्थिति में यूजर को साफ और अर्थपूर्ण जानकारी देना अनिवार्य होगा, और यह प्रक्रिया Human Interface Guidelines के अनुरूप होनी चाहिए।
ये भी पढ़े: अब बिना रजिस्टर्ड सिम के नहीं चलेगा WhatsApp? भारत में आने वाला है बड़ा बदलाव
आज सोशल मीडिया, गेमिंग और एंटरटेनमेंट ऐप्स बच्चों की पहुंच में हैं। ऐसे में उम्र की सही पहचान बेहद जरूरी हो गई है। दुनिया भर में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर कानून कड़े किए जा रहे हैं। Apple का यह कदम इसी दिशा में एक मजबूत प्रयास माना जा रहा है, ताकि नाबालिग यूजर्स गलत कंटेंट से दूर रहें और डेवलपर्स भी कानूनी जोखिम से बच सकें।