

Google Android New Rules: Google ने Android Developer Verification को लागू करना शुरू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के बारेमें बताए तो इसके तहत Android ऐप्स को उनके verified developer से जोड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि यूजर्स को ऐप डाउनलोड करते समय ज्यादा पारदर्शिता मिल सके और फर्जी डेवलपर्स के जरिए फैलाए जाने वाले मालवेयर व स्कैम को रोकने में मदद मिल पाए। वहीं अभी के लिए इसका पहला चरण ब्राजील, इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड में 30 सितंबर 2026 से शुरू हुआ है। साथ ही यह नियम certified Android डिवाइसों पर Android 7 या उसके बाद के वर्जन के लिए लागू किया गया है। जिसको लेकर Google का कहना है कि 2027 में इसे दुनियाभर में विस्तार दिया जाएगा।
पहले चरण में Google ने कुछ प्रमुख ऐप स्टोर्स को शामिल किया है। इनमें Google Play, HONOR App Market, OPPO App Market, Galaxy Store, Palm Store, V-Appstore और Xiaomi GetApps देखने को मिलते है। वहीं इन स्टोर्स के जरिए इंस्टॉल होने वाले ऐप्स को संबंधित verified developer से रजिस्टर्ड होना जरूरी होगा। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। 30 सितंबर से इन चार देशों में हर तरह के sideloading को तुरंत बंद नहीं किया गया है। Google के मुताबिक शुरुआती enforcement केवल सूची में शामिल participating stores पर लागू है। दूसरे स्टोर या सीधे वेबसाइट से किए गए sideload पर इस शुरुआती चरण में वही नया verification enforcement लागू नहीं है।
बता दें कि Android की खासियतों में से एक रही है कि यूजर Play Store के बाहर से भी APK इंस्टॉल कर सकता है। वहींGoogle का नया सिस्टम इस विकल्प को पूरी तरह खत्म नहीं करता। लेकिन unverified developer से ऐप इंस्टॉल करने वाले power users के लिए Advanced Flow तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में सुरक्षा के लिए अतिरिक्त steps और 24 घंटे का waiting period रखा गया है। जिसको लेकर Google बताते थे कि इसका उद्देश्य उन स्कैम में रुकावट डालना है जिनमें अपराधी फोन पर बात करते हुए पीड़ित को तुरंत सुरक्षा सेटिंग्स बदलने और कोई ऐप इंस्टॉल करने के लिए दबाव डालते हैं। ADB installation पर यह 24 घंटे की इंतज़ार में लागू नहीं होती है।
अभी के लिए भारत इस शुरुआती चार देशों के rollout में शामिल नहीं है। Google ने बताया है कि 2027 और उसके बाद Android certified devices पर verification protections को globally expand किया जाएगा। जिसका सीधा मतलब है कि भारतीय यूजर्स के लिए अभी तत्काल वही बदलाव लागू नहीं हुआ है लेकिन आने वाले global rollout के साथ स्थिति बदल सकती है। ऐसे में Google का कहना है कि यह कदम Android ecosystem को ज्यादा सुरक्षित और transparent बनाने के लिए है। वहीं कंपनी यह भी स्पष्ट करती है कि Android अलग-अलग distribution channels को सपोर्ट करता रहेगा और verified apps के लिए सामान्य installation experience जारी रहेगा।