अब इलाज में AI का सहारा, सरकार लाई SAHI और BODH, सस्ता-सुरक्षित हेल्थ सिस्टम बनाने की बड़ी तैयारी
AI In Health Sector: इलाज को सस्ता, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Jagat Prakash Nadda ने India AI Impact Summit 2026 के मंच से दो अहम डिजिटल हेल्थ पहल की है।
- Written By: सिमरन सिंह
SAHI and BODH (Source. PIB)
SAHI Initiative And BODH Platform: देश में इलाज को सस्ता, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Jagat Prakash Nadda ने India AI Impact Summit 2026 के मंच से दो अहम डिजिटल हेल्थ पहल SAHI (Strategy for Artificial Intelligence in Healthcare for India) और BODH (Benchmarking Open Data Platform for Health AI) लॉन्च कीं। इन पहलों का मकसद है कि अस्पतालों और दवा शोध में AI का उपयोग सुरक्षित, नैतिक और जनता-केंद्रित तरीके से हो।
SAHI: इलाज में AI का नैतिक और पारदर्शी इस्तेमाल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि SAHI केवल टेक्नोलॉजी की योजना नहीं, बल्कि एक गवर्नेंस फ्रेमवर्क और राष्ट्रीय रोडमैप है। यह सुनिश्चित करेगा कि AI का उपयोग ethical, transparent, accountable, and people-centric तरीके से हो।
मंत्री ने याद दिलाया कि 2015 में Digital India कार्यक्रम के जरिए डिजिटल बुनियाद रखी गई थी। इसके बाद Ayushman Bharat Digital Mission (2020) ने डिजिटल हेल्थ ढांचे को मजबूत किया। अब SAHI उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए AI को जिम्मेदारी से लागू करेगा।
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दवा और रिसर्च में आएगी रफ्तार, घटेगा खर्च
श्री नड्डा ने कहा कि AI से दवा खोज तेज होगी, क्लिनिकल ट्रायल्स अधिक सटीक बनेंगे और रिसर्च की लागत कम होगी। इससे आम लोगों को किफायती इलाज मिल सकेगा। उन्होंने जोर दिया कि AI अलग-थलग काम नहीं करता, बल्कि मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और गुणवत्तापूर्ण डेटा पर निर्भर करता है।
BODH: AI टूल्स की सख्त जांच के बाद ही इस्तेमाल
BODH प्लेटफॉर्म, जिसे Indian Institute of Technology Kanpur ने National Health Authority के सहयोग से विकसित किया है, AI मॉडलों की वास्तविक, अनाम हेल्थ डेटा पर जांच करेगा। यह परफॉर्मेंस, भरोसेमंदता, बायस और जनरलाइजेबिलिटी का मूल्यांकन करेगा, ताकि बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले समाधान सुरक्षित और प्रभावी हों।
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सरकार-शिक्षा जगत-उद्योग का साझा प्रयास
स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि SAHI केंद्र और राज्य सरकारों के साथ निजी भागीदारों के लिए एक साझा ढांचा देता है। WHO दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय की प्रतिनिधि ने भारत की पहल को वैश्विक मानक बताया और कहा कि यह रणनीति सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और भरोसा मजबूत करने के लिए तैयार की गई है।
SAHI और BODH के साथ भारत ने साफ कर दिया है कि AI-आधारित स्वास्थ्य सेवाएं नवाचार के साथ-साथ जिम्मेदारी और जनविश्वास पर भी टिकेंगी। इसका सीधा फायदा मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों को मिलेगा, जिन्हें बेहतर और सस्ता इलाज चाहिए।
