

How To Spot A Fake iPhone: Apple के नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की भारत में बिक्री शुरू हो गई है। ऐसे में अगर आप भी नया iPhone खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो फोन लेने के बाद सिर्फ फीचर्स और कैमरा चेक करके संतुष्ट न हों। सबसे पहले यह जरूर पता करें कि आपके हाथ में आया iPhone असली है या नकली। महंगे iPhone की हूबहू कॉपी बाजार में मिल सकती है इसलिए केवल Apple का लोगो, डिजाइन या पैकेजिंग देखकर भरोसा करना सही नहीं है।
फोन ऑन करने के बाद Settings > General > About में जाएं। यहां मॉडल का नाम, मॉडल नंबर, सीरियल नंबर, IMEI, iOS वर्जन और स्टोरेज जैसी जानकारी दिखाई देगी। इन डिटेल्स को ध्यान से देखें। अगर फोन में iPhone के नाम पर कोई अलग ऑपरेटिंग सिस्टम या अजीब इंटरफेस नजर आता है तो सावधान हो जाएं। असली iPhone Apple के iOS पर चलता है। इसलिए App Store, Safari, FaceTime और दूसरे Apple ऐप्स खोलकर दिखने चाहिए। अगर फोन में Google Play Store या Android से जुड़े फीचर्स दिखाई देते हैं तो यह बड़ा रेड फ्लैग हो सकता है।
बताया जाता है कि असली iPhone में Apple का वॉयस असिस्टेंट Siri मिलता है। इसे एक्टिवेट करके कोई सामान्य सवाल पूछें और देखें कि यह ठीक से प्रतिक्रिया देता है या नहीं। Siri की जगह कोई दूसरा असिस्टेंट खुलना या फीचर का सामान्य तरीके से काम न करना संदेह पैदा कर सकता है। इसके अलावा कैमरा सिर्फ खोलकर न देखें। इसमें फोटो क्लिक करें, वीडियो रिकॉर्ड करें और अलग-अलग कैमरा मोड्स को आजमाएं। अगर फोन में कई कैमरे हैं तो हर कैमरे को अलग-अलग टेस्ट करें। फोकस और फोटो-वीडियो की क्वालिटी भी जांचें।
साथ ही फोन की Settings > General > About में मौजूद सीरियल नंबर और IMEI को बॉक्स पर लिखी जानकारी से मिलाएं। अगर दोनों जगह नंबर अलग हैं तो खरीदारी रोककर सेलर से इसकी वजह पूछें। बॉक्स की प्रिंटिंग, Apple की ब्रांडिंग और पैकेजिंग की क्वालिटी भी देखें लेकिन सिर्फ अच्छी पैकेजिंग को असली होने का सबूत न मानें।
वहीं पुराना iPhone खरीदते समय जांच और भी जरूरी हो जाती है। फोन की Parts and Service History देखें ताकि बदले गए पार्ट्स से जुड़ी जानकारी मिल सके। कुल मिलाकर बताया जाता है कि iPhone खरीदते समय उसके लुक या बॉक्स पर आंख बंद करके भरोसा न करें। सॉफ्टवेयर, Settings, IMEI, सीरियल नंबर, Siri और कैमरा की जांच करने के बाद ही खरीदारी पूरी करें।