पुणे-नासिक हाई स्पीड रेल को मिली गति, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
- Written By: अनिल सिंह
मुंबई: राज्य के दो प्रमुख शहरों पुणे व नाशिक (Pune-Nashik) को रेल मार्ग से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना ‘महारेल’ (Speed Rail) ने तैयार की है। आने वाले समय में राज्य की सांस्कृतिक राजधानी पुणे से अंगूर नगरी नाशिक तक सेमी हाई स्पीड रेल दौड़ेगी। उल्लेखनीय है,कि इस समय पुणे और नासिक के बीच कोई रेल मार्ग नहीं है। इस बहुद्देश्यीय रूट पर सेमी हाई स्पीड रेल प्रस्तावित है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया (Process) भी शुरू (Start) हो चुकी है।
नासिक-पुणे रेलवे लाइन के भूमि अधिग्रहण के लिए 250 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। बताया गया कि इस मामले में नासिक के जिला कलेक्टर ने प्रस्ताव भी तैयार किया है। इस रूट का सबसे अहम चरण भूमि अधिग्रहण का होने वाला है। भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार के जीआर के बाद जिला कलेक्टर की ओर से प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा इस फंड को मंजूरी मिलते ही पुणे-नासिक रेलवे शुरू करने की दिशा में पहला कदम उठाया जाएगा।
235 किमी लंबी रेल लाइन
जमीन अधिग्रहण के बाद महारेल के माध्यम से नासिक-पुणे इन दो शहरों को जोड़ने वाली लगभग 235 किमी लंबी सेमी-हाई स्पीड रेलवे का निर्माण शुरू जाएगा। महारेल के अनुसार इस रूट पर रेलवे ट्रैक और स्टेशन बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण करना होगा। इस संबंध में प्रस्ताव नासिक कलेक्टर जलज शर्मा ने तैयार किया है। वर्तमान में नासिक जिले के सिन्नर तालुका में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन धन की कमी इस प्रक्रिया में बाधा बन रही है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस और अजित पवार इस मार्ग को जल्द शुरू करने पर जोर दे रहे हैं। इसलिए संभावना है कि वित्त मंत्री अजीत पवार जल्द ही फंड को मंजूरी दे देंगे।
सीसीईए की मंजूरी के इंतजार
महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (महारेल) इस परियोजना के लिए आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट समिति की मंजूरी का भी इंतजार कर रहा है। पिछले दिनों राज्य की रेल इंफ्रा परियोजनाओं को लेकर हुई बैठक में सीएम एकनाथ शिंदे ने पुणे-नाशिक रेल परियोजना को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात कर परियोजना को आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंजूरी देने का अनुरोध किया था। रेल मंत्री ने भी पुणे-नासिक सेमी हाई स्पीड रेल को लेकर सकारात्मक निर्णय लेने की बात कही थी।
16 हजार 39 करोड़ की योजना
232 किमी लंबी पुणे-नासिक हाई स्पीड रेल लाइन से पुणे, अहमदनगर और नासिक जिलों को लाभ होगा। यह देश में सबसे किफायती हाई-स्पीड रेल होगी जिस पर 16 हजार 39 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें महाराष्ट्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 3 हजार 500 करोड़ रुपये है. इस खर्च को राज्य सरकार ने सैद्धांतिक रूप से मंजूरी भी दे दी है।
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बाधा होगी दूर
235 किमी लंबी पुणे नासिक रेलवे लाइन अहमदनगर जिले से होकर गुजरने वाली है। अहमदनगर जिले के खोडद (जुन्नर) में जीएमआरटी की एक विशाल टेलिस्कोप परियोजना भी है। सेमी हाईस्पीड रेल रुट इस प्रोजेक्ट के पास डिज़ाइन किया गया है। इससे इस प्रोजेक्ट में कुछ रुकावटें आ सकतीं हैं। इसे देखते हुए रेलवे बोर्ड ने महारेल को रिवाइज प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। इसके बाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय के पास आने पर इस रूट को अंतिम मंजूरी मिलेगी। बताया गया है,कि इस परियोजना को लोकसभा चुनाव से पहले मंजूरी मिलने की संभावना है।
ऐसी होगी पुणे-नासिक सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना
- लम्बाई – 234.60 किलोमीटर
- होगा 18 सुरंगो का निर्माण
- परियोजना लागत – 16,039 करोड़
स्टेशन
- पुणे
- हडपसर
- मंझिरी
- कोलवाडी
- वाघोली
- अलंदी
- चाकन
- राजगुरुनगर
- भोरवाड़ी
- मंचर
- नारायणगांव
- अलेफाटा
- बोटा
- जंबूत
- सकूर
- अंबोर
- संगमने
- देवथान
- चास
- डोडी
- मोहदरी
- शिंदे
- नासिक रोड
