235 किमी लंबी रेल लाइन
जमीन अधिग्रहण के बाद महारेल के माध्यम से नासिक-पुणे इन दो शहरों को जोड़ने वाली लगभग 235 किमी लंबी सेमी-हाई स्पीड रेलवे का निर्माण शुरू जाएगा। महारेल के अनुसार इस रूट पर रेलवे ट्रैक और स्टेशन बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण करना होगा। इस संबंध में प्रस्ताव नासिक कलेक्टर जलज शर्मा ने तैयार किया है। वर्तमान में नासिक जिले के सिन्नर तालुका में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन धन की कमी इस प्रक्रिया में बाधा बन रही है।
सीसीईए की मंजूरी के इंतजार
महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (महारेल) इस परियोजना के लिए आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट समिति की मंजूरी का भी इंतजार कर रहा है। पिछले दिनों राज्य की रेल इंफ्रा परियोजनाओं को लेकर हुई बैठक में सीएम एकनाथ शिंदे ने पुणे-नाशिक रेल परियोजना को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात कर परियोजना को आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंजूरी देने का अनुरोध किया था। रेल मंत्री ने भी पुणे-नासिक सेमी हाई स्पीड रेल को लेकर सकारात्मक निर्णय लेने की बात कही थी।
16 हजार 39 करोड़ की योजना
232 किमी लंबी पुणे-नासिक हाई स्पीड रेल लाइन से पुणे, अहमदनगर और नासिक जिलों को लाभ होगा। यह देश में सबसे किफायती हाई-स्पीड रेल होगी जिस पर 16 हजार 39 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें महाराष्ट्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 3 हजार 500 करोड़ रुपये है. इस खर्च को राज्य सरकार ने सैद्धांतिक रूप से मंजूरी भी दे दी है।
बाधा होगी दूर
235 किमी लंबी पुणे नासिक रेलवे लाइन अहमदनगर जिले से होकर गुजरने वाली है। अहमदनगर जिले के खोडद (जुन्नर) में जीएमआरटी की एक विशाल टेलिस्कोप परियोजना भी है। सेमी हाईस्पीड रेल रुट इस प्रोजेक्ट के पास डिज़ाइन किया गया है। इससे इस प्रोजेक्ट में कुछ रुकावटें आ सकतीं हैं। इसे देखते हुए रेलवे बोर्ड ने महारेल को रिवाइज प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। इसके बाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय के पास आने पर इस रूट को अंतिम मंजूरी मिलेगी। बताया गया है,कि इस परियोजना को लोकसभा चुनाव से पहले मंजूरी मिलने की संभावना है।
ऐसी होगी पुणे-नासिक सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना
स्टेशन