जल जीवन मिशन से दूर हो रहा बुंदेलखंड का जल संकट, सीएम योगी ने दिए निर्देश
- Written By: मनोज पांडे
प्रतीकात्मक तस्वीर
@राजेश मिश्र
लखनऊ: हर साल गर्मियों में पेयजल का संकट झेलने वाले उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में इस बार पानी का संकट नहीं रहेगा। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों के शुद्ध पेयजल उलब्ध कराए जाने की परियोजना के तहत बुंदेलखंड में अधिकतर गांवों में काम पूरा हो चुका है। प्रदेश के मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में शुद्ध पेयजल एक सपना था। आज यह सपना साकार हो रहा है। यह दोनों ही क्षेत्र शीर्ष प्राथमिकता में है. उन्होंने कहा कि जल्दी ही विंध्य-बुंदेलखंड के हर घर में नल से जल की सुविधा होगी। झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, जालौन, बांदा, चित्रकूट, मीरजापुर, सोनभद्र सहित पूरे विंध्य-बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन का कार्य आख़िरी चरण में प्रवेश कर गया है। बाकी के कार्यों को तेजी के साथ पूरा कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गर्मी का मौसम शुरु हो रहा है। ऐसे में बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में पेयजल के वैकल्पिक प्रबंध कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि इस बार बारिश कम होने के कारण जलाशयों में अपेक्षाकृत कम पानी है। लिहाजा समय रहते इसके लिए व्यवस्था कर लेनी चाहिए और गर्मी में एक भी दिन एक भी परिवार को पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘हर घर नल-हर घर जल’ के संकल्प के साथ प्रदेश के 2.65 करोड़ ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का अभियान चल रहा है। जल जीवन मिशन के पहले मात्र 5.16 लाख परिवारों को ही नल से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता थी। आज 2 करोड़ 12 लाख से अधिक परिवारों के लिए शुद्ध पेयजल का सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि बचे हुए घरों को भी पाइप्ड पेयजल की सुविधा मिले इसलिए काम समयबद्धता के साथ चरणबद्ध रूप से पूरा किया जाए।
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उन्होंने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने की यह योजना ईज ऑफ लिविंग के संकल्प को पूरा होने का सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन से 100 फीसदी संतृप्त गांवों का-हर एक घर का पारदर्शिता के साथ सत्यापन होना चाहिए। अगर एक भी उपभोक्ता असंतुष्ट है तो उनकी अपेक्षाओं को पूरा किया जाए. स्थलीय निरीक्षण की व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। हर गांव में प्रशिक्षित प्लम्बर की तैनाती कर दी जाए।
