सरबजोत सिंह ने किया खुलासा, पिस्टल पर 'एससिंह30' का बताया राज़, मनु भाकर से मुलाकात का किया जिक्र

पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के लिए मनु भाकर के साथ कांस्य पदक जीतने वाले सरबजोत सिंह ने आखिरकार अपनी पिस्टल पर लिखी 'एससिंह30' का सही अर्थ बता ही दिया। साथ ही सरबजोत ने ओलंपिक के दौरान मनु के साथ हुई बातचीत और नोकझोंक का भी जिक्र किया।
सरबजोत सिंह
सरबजोत सिंह (सौजन्य-एक्स)
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बेंगलुरू : पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के लिए मनु भाकर के साथ कांस्य पदक जीतने वाले सरबजोत सिंह ने आखिरकार अपनी पिस्टल पर लिखी 'एससिंह30' का सही अर्थ बता ही दिया। साथ ही सरबजोत ने ओलंपिक के दौरान मनु के साथ हुई बातचीत और नोकझोंक का भी जिक्र किया।

मनु भाकर के साथ मिलकर भारत को मिश्रित निशानेबाजी स्पर्धा में पहला ओलंपिक दिलाने वाले सरबजोत सिंह ने शनिवार को कहा कि उन्हें अपनी स्पर्धा से पहले एक साथ ट्रेनिंग करने का बमुश्किल ही मौका मिला था।

ट्रेनिंग सत्र थे अलग

मनु और सरबजोत ने पेरिस ओलंपिक की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम निशानेबाजी स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। सरबजोत ने कहा, ‘‘मेरी ट्रेनिंग नौ बजे होनी थी और उसकी 12 बजे। दोनों की ट्रेनिंग अलग अलग। मिश्रित ट्रेनिंग सत्र 30 मिनट तक रहा जिसके पहले वह अलग से ट्रेनिंग करती थीं और मैं अलग से। ''

सरबजोत मनु भाकर से बातचीत का जिक्र करते हुए बताया, ‘‘हमारी बातचीत आमतौर पर संक्षिप्त रही जिसमें बातें ‘अपना शत प्रतिशत देना है' बस यहीं तक सीमित रहती। ''

सरबजोत ने याद करते हुए कहा, ‘‘कभी कभी मैं उसका मजाक उड़ाता था तो कभी कभी वह मेरा मजाक उड़ाती थी। '' सरबजोत ने बताया कि वे तुर्कीये के निशोबाज यूसुफ डिकेच के मुरीद हैं।

यूसुफ डिकेच के है मुरीद

हरियाणा के धीन गांव के 22 वर्षीय सरबजोत ने प्यूमा इंडिया को लंबे समय के उनके प्रशंसक होने का खुलासा करते हुए कहा, ‘‘मैं 2011 से उनके (यूसुफ़ के) वीडियो देख रहा हूं। वह हमेशा से ऐसे ही रहे हैं। अब वह 51 साल के हैं। मैंने कोशिश की। फिर भी मैं उनके ‘परफेक्शन' से मेल नहीं खा सका। अगर मुझे मौका मिलता तो मैं उनसे पूछता कि वह क्या खाते हैं?''

एससिंह30 का बताया मतलब

सरबजोत ने अपनी पिस्तल पर लिखे अक्षरों का मतवब बताते हुए कहा कि उनकी पिस्टल पर एससिंह30 लिखा हुआ है, जिसमें उनके नाम के पहले अक्षर और उनकी यात्रा की एक महत्वपूर्ण तारीख शामिल है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इसे कोई नाम नहीं दिया। जब मैंने हांग्झोउ में 2022 एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया तो मैंने अपनी पिस्टल पर यह लिखवाया। यह मेरी सबसे अच्छी पिस्टल है क्योंकि मेरा पदक (स्वर्ण) 30 सितंबर को आया था और यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।"

अंत में इस ओलंपिक पदक विजेता ने 2028 लॉस एंजिल्स खेलों के लिए अपने लक्ष्य के बारे में बताया और अपने चमचमाते हुए कांस्य पदक की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘एलए '28' में, इसका रंग बदलना है। ''

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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