नीरज चोपड़ा और जूलियन वेबर, फोटो- सोशल मीडिया
Diamond League Final: डायमंड लीग फाइनल में नीरज चोपड़ा दूसरे स्थान पर रहे। यह परिणाम भारत में लाखों खेल प्रेमियों के लिए थोड़ी निराशा लेकर आया है, जिन्हें नीरज से स्वर्ण पदक की उम्मीद थी।
ज्यूरिख में हुए इस फाइनल मुकाबले में, नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं रहा। छह प्रयासों में से उनके शुरुआती पांच प्रयासों में केवल दो ही थ्रो वैध रहे, जबकि तीन फाउल हो गए। अपने आखिरी और निर्णायक प्रयास में, नीरज ने 85.01 मीटर भाला फेंककर त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोर्न वॉलकॉट को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। वॉलकॉट 84.86 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स 82.06 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।
इस प्रतियोगिता में जूलियन वेबर का प्रदर्शन अविश्वसनीय था। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 91.37 मीटर का दमदार थ्रो फेंका, जिसने उन्हें तत्काल शीर्ष पर पहुंचा दिया। इसके बाद, उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 91.51 मीटर का थ्रो फेंककर अपनी जीत सुनिश्चित कर ली और एक नया व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी स्थापित किया। वेबर के इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि आज का दिन उनका था और नीरज के लिए उन्हें पछाड़ना एक बड़ी चुनौती साबित हुआ।
यह प्रदर्शन नीरज चोपड़ा के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 90.23 मीटर से काफी कम है। यह परिणाम उनकी हालिया फॉर्म को लेकर भी सवाल खड़े करता है, क्योंकि टोक्यो ओलंपिक के बाद से वह अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नीरज ने जून में पेरिस में 88.16 मीटर के थ्रो के साथ प्रथम स्थान प्राप्त करके डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था, जिससे उनसे काफी उम्मीदें बंध गई थीं।
गौरतलब है कि नीरज ने 2022 में ज्यूरिख में 88.44 मीटर का थ्रो फेंककर डायमंड लीग का खिताब जीता था, लेकिन 2023 और 2024 में वह फाइनल में तो पहुंचे, पर खिताब हासिल करने से चूक गए थे। 2024 में, वे खिताब से सिर्फ 1 सेंटीमीटर से पीछे रह गए थे, जब उन्हें ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 87.87 मीटर के थ्रो से मात दी थी।
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पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक से चूकने के बाद, नीरज ने अपना कोच बदल दिया था। उनके खेल में कुछ तकनीकी कमियां भी नजर आईं, जिसके चलते वे ज्यूरिख में भी शीर्ष स्थान हासिल नहीं कर सके। हालांकि, नीरज चोपड़ा भारत के लिए जैवलिन में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले एथलीट हैं और उनकी विरासत निर्विवाद है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि वे जल्द ही अपनी लय हासिल कर फिर से पोडियम पर शीर्ष स्थान पर पहुंचेंगे।