महाराष्ट्र सरकार ने दिव्या देशमुख को किया सम्मानित, CJI गवई ने की मुलाकात

Maharashtra Government Awarded to Divya: चेस वर्ल्ड कप विजेता दिव्या देशमुख को महाराष्ट्र सरकार ने सम्मानित किया। वहीं सीजेआई गवई ने दिव्या से घर जाकर मुलाकात की।
महाराष्ट्र सरकार ने दिव्या देशमुख को किया सम्मानित, चेस वर्ल्ड कप जीतने के बाद..
दिव्या देशमुख के साथ महाराष्ट्र सरकार (फोटो-एजेंसी)
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CM Devendra Fadnavis honored Divya Deshmukh with Rs 3 crore award: नागपुर की दिव्या देशमुख ने फिडे महिला वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। दिव्या ने अपने ही हमवतन कोनेरू हम्पी को टाईब्रेकर में हराया। वर्ल्ड कप जीतने के बाद दिव्या देशमुख को अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में नकद पुरस्कार के साथ सम्मानित किया।

शनिवार को नागपुर में 'नागरी सम्मान सोहाला' समारोह में 'फिडे महिला विश्व कप' विजेता दिव्या देशमुख को महाराष्ट्र सरकार ने 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के खेल मंत्री माणिकराव शिवाजीराव कोकाटे भी उपस्थित थे। इस सम्मान के लिए दिव्या ने मुख्यमंत्री फडणवीस और नागपुर के लोगों का आभार व्यक्त किया।

2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए की क्वालीफाई

19 वर्षीय दिव्या देशमुख ने पिछले सप्ताह बटुमी में ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को टाईब्रेक में 1.5-0.5 से हराकर न सिर्फ खिताब जीता था, बल्कि शतरंज के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया था। वह महिला विश्व खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं। वहीं शतरंज का सर्वोच्च खिताब ग्रैंडमास्टर (जीएम) जीतने वाली वह पहली महिला खिलाड़ी बनीं। जीत के साथ ही दिव्या ने दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी और पूर्व महिला विश्व चैंपियन टैन झोंगयी के साथ 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।

CJI गवई ने की मुलाकात

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) भूषण गवई ने शनिवार को यहां दिव्या देशमुख के घर जाकर फिडे शतरंज विश्व कप चैंपियन और ग्रैंडमास्टर बनने पर उन्हें बधाई दी। मुख्य न्यायाधीश अमरावती से हैं और दिव्या के दादा स्वर्गीय डॉ. केजी देशमुख कभी संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय के कुलपति थे। मुख्य न्यायाधीश ने यहां पत्रकारों से कहा कि उनके पिता और स्वर्गीय केजी देशमुख बहुत करीबी दोस्त थे।

उन्होंने कहा कि हम एक परिवार की तरह पले-बढ़े हैं। यहां आना मेरे लिए पुरानी यादों को ताजा करने जैसा था। मैं 50-55 साल पीछे चला गया और मैंने फिर से सभी पुरानी यादों को ताजा किया। यह मेरे लिए लंबे समय के बाद सब से मिलने का यह शानदार मौका था। मैं यहां दिव्या को अपनी शुभकामनाएं देने आया हूं। उसने हम सभी को बहुत गौरवान्वित किया है।

वहीं केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी शुक्रवार को नई दिल्ली में दिव्या देशमुख और कोनेरू हम्पी को सम्मानित किया था। कोनेरू हम्पी भी इस समारोह में वर्चुअली शामिल हुई थीं।

बटुमी में 5-28 जुलाई तक आयोजित फिडे महिला विश्व कप 2025 में 19 वर्षीय दिव्या और अनुभवी ग्रैंडमास्टर कोनेरू के बीच एक ऐतिहासिक अखिल भारतीय फाइनल हुआ। यह पहली बार था, जब दो भारतीय महिलाएं फाइनल में पहुंचीं। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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