पूर्व बिजनेस पार्टनर्स ने MS Dhoni के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया दर्ज, 18 जनवरी को सुनवाई
- Written By: शुभम सोनडवले
एम एस धोनी (PIC Credit: Social media)
नई दिल्ली. भारत के पूर्व कप्तान और वर्ल्ड कप विजेता महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) के पूर्व बिजनेस पार्टनर मिहिर दिवाकर (Mihir Diwakar) और उनकी पत्नी सौम्या दास (Soumya Das) ने उनके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में मानहानि (Defamation Case) का मुकदमा दायर किया है।
बता दें हाल ही में धोनी ने अपने दो पुराने बिजनेस पार्टनर मिहिर दिवाकर और उनकी पत्नी सौम्या दास के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। ये पूरा मामला 15 करोड़ रुपये से जुड़ा हुआ है। इस मामले की सुनवाई 18 जनवरी (गुरुवार) को होगी।
धोनी समेत मीडिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज
वादी और दिवाकर और दास ने धोनी, कई सोशल मीडिया मंचों और मीडिया घरानों के खिलाफ स्थायी व्यादेश (इनजंक्शन) और क्षतिपूर्ति का अनुरोध करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वादी ने उन सबको उसके खिलाफ मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण बयान देने, प्रकाशित और प्रसारित करने से रोकने का अनुरोध किया है।
सम्बंधित ख़बरें
CSK फैंस को लगा सबसे बड़ा झटका! SRH के खिलाफ मैच में नहीं खेल रहे MS Dhoni, ऋतुराज ने बताया बड़ा कारण
फिट लग रहा हूं ना…, NSG कमांडोज के बीच पहुंचे धोनी, बंदूक पकड़कर किया ऐसा मजाक कि तुरंत वीडियो हो गया वायरल
SRH के खिलाफ चेपॉक में आखिरी बार दिखेंगे MS Dhoni? अश्विन के बयान ने बढ़ाई फैंस की धड़कनें, खेल जगत में खलबली
IPL 2027 में नजर नहीं आएंगे 5 ये खिलाड़ी, किसी की उम्र तो किसी की फ्लॉप फॉर्म बनी वजह, एक तो टीम का कप्तान भी
धोनी के आरोप झूठे
अर्जी में कहा गया है कि पूर्व क्रिकेटर से कथित तौर पर 15 करोड़ रुपये का कथित अवैध लाभ उठाने और 2017 के अनुबंध के उल्लंघन के संबंध में लगाए गए धोनी के झूठे आरोपों के संबंध में प्रतिवादियों को वादी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने से रोका जाना चाहिए।
धोनी ने क्या लगाए आरोप
हाल ही में, धोनी ने दिवाकर और दास के खिलाफ 16 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। धोनी के वकील के अनुसार, पति-पत्नी ने क्रिकेट अकादमियों की स्थापना के अनुबंध का पालन नहीं किया। खेल प्रबंधन कंपनी ‘अरका स्पोर्ट्स’ के निदेशक दिवाकर और दास के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत रांची की अदालत में मामला दायर किया गया था। (एजेंसी इनपुट के साथ)
