दिल्ली कैपिटल्स की महिला खिलाड़ी नाज (फोटो- सोशल मीडिया)
WPL 2026, Delhi Capitals: वुमेंस प्रीमियर लीग की शुरुआत के बाद भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर की महिला क्रिकेटरों को अपनी पहचान बनाने का बड़ा मंच मिला है। इस लीग ने कई खिलाड़ियों को ‘खाक से खास’ बनने का मौका दिया है। अब इसी कड़ी में एक ऐसी युवा खिलाड़ी चर्चा में आई हैं, जो हिजाब पहनकर गेंदबाजी करती हैं और अपने सपनों को उड़ान दे रही हैं। यह नाम है नाज, जिनकी उम्र भले ही कम हो, लेकिन उनके ख्वाब बेहद बड़े हैं।
दिल्ली कैपिटल्स ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक इंस्पायरिंग वीडियो शेयर किया है, जिसमें वुमेंस प्रीमियर लीग की नेट बॉलर नाज़ को दिखाया गया है। वीडियो में उनकी गेंदबाजी और आत्मविश्वास ने फैंस का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग नाज़ की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।
नाज महज 15 साल की युवा क्रिकेटर हैं। उनका ताल्लुक तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से है, हालांकि फिलहाल वह यूनाइटेड किंग्डम में रह रही हैं। नाज जिस क्रिकेट एकेडमी से ट्रेनिंग ले रही हैं, उसकी दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी के साथ पार्टनरशिप है। इसी वजह से उन्हें वुमेंस प्रीमियर लीग की टीम के साथ नेट बॉलर के तौर पर काम करने का मौका मिला है।
वीडियो में नाज यह भी बताती हैं कि टीम इंडिया की विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा उनकी रोल मॉडल हैं। शेफाली की निडर बल्लेबाजी और आत्मविश्वास से वह काफी इंस्पायर्ड हैं। नाज का सपना है कि एक दिन वह भी वुमेंस प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरें।
अगर नाज अपने सपनों को साकार करने में कामयाब रहती हैं, तो वह वुमेंस प्रीमियर लीग की पहली ऐसी क्रिकेटर बन सकती हैं, जो हिजाब पहनकर इस टूर्नामेंट में खेलेंगी। यह न सिर्फ उनके लिए, बल्कि महिला क्रिकेट के इतिहास में भी एक खास और प्रेरणादायक पल होगा।
हिजाब पहनकर क्रिकेट खेलने वाली खिलाड़ियों का जिक्र होते ही स्कॉटलैंड की अबताहा मकसूद का नाम सामने आता है। उन्होंने जुलाई 2021 में इंग्लैंड की चर्चित क्रिकेट लीग ‘द हंड्रेड’ में हिस्सा लिया था। बर्मिंघम फीनिक्स टीम की ओर से खेलते हुए जब वह हिजाब पहनकर मैदान में उतरी थीं, तो उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थीं।
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नाज की कहानी यह साबित करती है कि जुनून, मेहनत और सपनों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। कम उम्र में ही उन्होंने यह दिखा दिया है कि सही मंच और भरोसा मिले, तो हर लड़की अपने सपनों को सच कर सकती है।