सचिन के पीछे पड़े कोहली! क्रिकेट के सबसे बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड पर विराट की नजर, कर पाएंगे ये करिश्मा?

Virat Kohli: सचिन तेंदुलकर के कई रिकॉर्ड तोड़ चुके विराट कोहली अब एक और बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड के करीब पहुंच गए हैं। पहले वनडे में शतक जड़कर उन्होंने इतिहास रचने की तरफ मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं।
विराट कोहली के मैच के लिए चिन्नास्वामी को नहीं मिली हरी झंडी, क्या CoE शिफ्ट हो चुका है मुकाबला?
विराट कोहली (फोटो- सोशल मीडिया)
Updated on

Virat Kohli and Sachin Tendulkar: सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट करियर के अंतिम वर्षों में उनके बनाए रिकॉर्ड्स को अटूट माना जाता था। लेकिन विराट कोहली ने धीरे-धीरे उनमें से कई कीर्तिमानों को तोड़ दिया है। अब वह मास्टर ब्लास्टर के एक और खास वर्ल्ड रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए हैं।

कोहली के नाम अब 52 वनडे शतक

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहले वनडे में विराट कोहली ने शानदार 135 रन बनाए। यह उनके करियर का 52वां वनडे शतक रहा। इस शतक के साथ कोहली एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन के नाम था, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक लगाए थे।

स्टाइल में पूरा किया शतक, मैच का रुख बदल दिया

कोहली ने शतक के करीब आते-आते भले थोड़ी सावधानी बरती हो, लेकिन सेंचुरी के बाद उनका अंदाज पूरी तरह बदल गया और उन्होंने तेज रन बनाए। उनकी यह पारी भारत के लिए निर्णायक साबित हुई और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

70वीं बार बने प्लेयर ऑफ द मैच

मैच जीतने के बाद विराट कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यह इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका 70वां POTM अवॉर्ड है। टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल—तीनों को मिलाकर देखें तो कोहली इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर हैं, जिनके नाम 76 POTM अवॉर्ड हैं।

सचिन का रिकॉर्ड टूटने के कितने करीब कोहली?

सचिन ने अपने करियर में 76 बार प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता। कोहली को उनकी बराबरी करने के लिए 6 और अवॉर्ड चाहिए और रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 7। कोहली के लिए यह आसान लग सकता है, लेकिन चुनौती यह है कि अब वे सिर्फ वनडे क्रिकेट ही खेलते हैं, टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से वह संन्यास ले चुके हैं।

2027 वर्ल्ड कप तक खुला है मौका

अगर विराट कोहली 2027 वनडे विश्व कप तक खेलते हैं, तो उनके पास यह रिकॉर्ड तोड़ने का अच्छा मौका होगा। भले वनडे मैच कम हो गए हों, लेकिन अगले कुछ वर्षों में पर्याप्त मुकाबले होंगे जिनमें कोहली यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि वह लगातार फॉर्म में बने रहें और टीम के लिए मैच विनिंग प्रदर्शन करते रहें।

Navbharat Live
navbharatlive.com