एशिया कप के दौरान भारतीय फील्डिंग कोच ने दिया टीम को दिया एक मंत्र, कहा- दुबई में एक पल भी...

Indian fielding coach T Dilip: भारतीय फील्डिंग कोच टी दिलीप ने दुबई में कैच पकड़ने को लेकर एक एक गुरु मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि गेंद से नजरें ना हटाएं।
एशिया कप के दौरान भारतीय फील्डिंग कोच ने दिया टीम को दिया एक मंत्र, कहा- दुबई में एक पल भी...
टी दिलीप, फील्डिंग कोच (फोटो-सोशल मीडिया)
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Unique Fielding Drill by fielding coach T Dilip: एशिया कप में भारतीय टीम ने अब तक दो मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की है। इस दौरान भारतीय टीम की फील्डिंग भी बेहतरीन रही है। सुपर-4 के मुकाबले से पहले भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप ने दुबई में हाई कैचिंग को लेकर खिलाड़ियों को एक अहम सलाह दी है।

भारतीय क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप ने कहा है कि दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में हाई कैच पकड़ने के लिए एक सेकंड के लिए गेंद पर से नजर नहीं हटाना है। क्योंकि यहां की फ्लडलाइट्स काफी अलग है। इसलिए गेंद पर नजरें जमाए रहना है ताकि गेंद आखों ने ओझल ना हो जाए।

दुबई का फ्लडलाइट बाकी स्टेडियमों से है अलग

दुबई में फ्लडलाइट्स की व्यवस्था पारंपरिक व्यवस्था से काफी अलग है। भारतीय टीम ने इस फ्लडलाइट्स में काफी अच्छा तालमेल बैठा लिया है। भारत में कुछ स्टेडियम में फ्लडलाइट्स छत पर ही लगे हुए हैं। आमतौर पर दुनिया के बाकी क्रिकेट स्टेडियमों में लाइट्स खंबों पर लगाई जाती हैं।

दिलीप ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, ‘‘दुबई स्टेडियम में हमारे सामने आने वाली चुनौतियों में से एक यह है कि रोशनी थोड़ी अलग होती है। यह आग के वृत्त (रिंग ऑफ फायर) की तरह होती है जो मूल रूप से गुंबद में होती है न कि खंभों पर, जैसा कि हम आमतौर पर देखते हैं। ''

दिलीप ने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में सबसे बड़ी चुनौती सीमा रेखा पर कैच लेने की होती है। ऐसे में आपको एक पल के लिए भी गेंद से नजर नहीं हटानी होती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि खिलाड़ी उस विशेष क्षण में किस तरह सक्रिय होते हैं और वे उस विशेष गेंद पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।

उन्होंने कहा कि हमें जीवन भर सिखाया गया है कि हमेशा गेंद पर नज़र रखो। जैसे ही आप एक पल के लिए भी गेंद नहीं देख पाते तो आप घबरा जाते हैं। इसलिए, अभ्यास सत्रों में हम अलग-अलग तरीके से अभ्यास करने की कोशिश करते हैं। खिलाड़ियों को धीरे-धीरे एहसास होता है कि अगर आप तेज रोशनी में एक पल भी गंवा देते हैं तो फिर कैच लेने के लिए आपके पास बहुत कम समय बचता है। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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