पाकिस्तान में जन्में इंग्लिश क्रिकेटर की सुनील गावस्कर पर कड़ा बयान, अबरार अहमद पर टिप्पणी को बताया घटिया

Abrar Ahmed Controversy: अबरार अहमद की साइनिंग पर सुनील गावस्कर के बयान से विवाद बढ़ा, अजीम रफीक ने कड़ी आलोचना की। मामले ने क्रिकेट और राजनीति के टकराव को फिर उजागर किया।
पाकिस्तान में जन्में इंग्लिश क्रिकेटर ने गावस्कर पर दिया बयान, अबरार अहमद पर टिप्पणी को बताया घटिया
सुनील गावस्कर और अबरार अहमद (फोटो- सोशल मीडिया)
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Azeem Rafiq Statement on Sunil Gavaskar: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स द्वारा साइन किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया है।

अबरार अहमद की साइनिंग पर जताई आपत्ति

अपनी एक कॉलम में सुनील गावस्कर ने भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को £190,000 में साइन करने पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा हालात को देखते हुए इस फैसले पर प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक है। गावस्कर ने यह भी कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को किए जाने वाले भुगतान से टैक्स के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से उस देश की व्यवस्था को फायदा पहुंच सकता है, जिससे इस तरह के सौदों पर सवाल उठते हैं।

अजीम रफीक का तीखा पलटवार

सुनील गावस्कर के इस बयान पर पाकिस्तान मूल के पूर्व इंग्लैंड क्रिकेटर अजीम रफीक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे “बेहद खराब” और “पूरी तरह गलत” करार दिया। रफीक ने लिखा कि ऐसे बयान स्वीकार नहीं किए जा सकते और इसकी आलोचना होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या गावस्कर ने अपने करियर के दौरान भारत-पाकिस्तान मैचों में कमेंट्री करते समय भी ऐसा ही रुख अपनाया था।

सोशल मीडिया पर बहस तेज

इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर बहस और भी तेज हो गई है। कुछ फैंस जहां गावस्कर के बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई लोग इसे खेल और राजनीति को मिलाने की कोशिश बता रहे हैं। अबरार अहमद की साइनिंग पहले से ही चर्चा में थी, जिस पर यह विवाद और बढ़ गया है।

फ्रेंचाइजी और बोर्ड ने दी सफाई

सनराइजर्स लीड्स के हेड कोच डेनियल विटोरी ने साफ किया कि टीम की नीति किसी भी देश के खिलाड़ी के खिलाफ नहीं है और अबरार को शुरुआत से ही उनकी योजनाओं में शामिल किया गया था। वहीं बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी इस मामले से दूरी बनाते हुए कहा कि विदेशी लीग में भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी के फैसलों में बोर्ड की कोई भूमिका नहीं होती है।

यह विवाद एक बार फिर दिखाता है कि भारत और पाकिस्तान से जुड़े क्रिकेट मामलों में खेल और राजनीति का रिश्ता कितना जटिल है। सुनील गावस्कर के बयान और उस पर आई प्रतिक्रियाएं इस बात का उदाहरण हैं कि क्रिकेट के फैसले भी कई बार मैदान के बाहर बड़े विवाद का रूप ले लेते हैं।

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