आखों में नमी, चेहरे पर मुस्कान और जीत ली दुनिया, पहली बार चैंपियन बनने पर जश्न में डूबी टीम इंडिया

Women's World Cup: भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव पाया। जीत के बाद मैदान पर जश्न छा गया, हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना भावुक होकर एक-दूसरे से लिपट पड़ीं।
खुशी के आंसू, वो मुस्कान और जीत ली दुनिया, पहली बार बनी चैंपियंन तो जश्न में डूब गई टीम इंडिया
आईसीसी वनडे फाइनल में जीत के बाद जश्न मनाती टीम इंडिया (फोटो- BCCIWomen)
Published on
Updated on

Indian Women's Cricket Team: ‘मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।’ यही जज्बा था जिसने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 की विजेता बना दिया। कई बार ट्रॉफी के करीब पहुंचकर खिताब हाथ से निकल गया था, लेकिन हर असफलता ने टीम को और मजबूत बनाया। यह सिर्फ 11 खिलाड़ियों का नहीं, बल्कि पूरे भारत का सपना था—एक ऐसा सपना जो आखिरकार 2 नवंबर 2025 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में सच हुआ।

हरमनप्रीत की कप्तानी में इतिहास रचा

हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत ने फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि उन सभी सालों की मेहनत, धैर्य और उम्मीदों का नतीजा थी। फाइनल के आखिरी ओवर में जब दीप्ति शर्मा ने साउथ अफ्रीका का अंतिम विकेट चटकाया, तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

जश्न और जज्बात से भर गया मैदान

जीत के साथ ही टीम इंडिया खुशी से झूम उठी। कप्तान हरमनप्रीत ने हवा में छलांग लगाई, लेकिन कुछ ही क्षणों में उनकी आंखें नम हो गईं। स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत एक-दूसरे से गले लगकर रो पड़ीं, जबकि राधा यादव ने दोनों को तिरंगे में लपेट लिया। दीप्ति शर्मा को साथी खिलाड़ियों ने कंधों पर उठा लिया, वहीं जेमिमा रोड्रिग्स मैदान पर नाचती नजर आईं। चोटिल प्रतिका रावल भी व्हीलचेयर पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक जश्न का हिस्सा बनीं। पूरे स्टेडियम में ‘इंडिया-इंडिया’ के नारों की गूंज थी।

मैच का हाल

पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 298 रन बनाए। शेफाली वर्मा ने 78 गेंदों पर धमाकेदार 87 रन ठोके, जबकि दीप्ति शर्मा ने शानदार 58 रन जोड़े। स्मृति मंधाना ने 45 और ऋचा घोष ने तेजतर्रार 34 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ट ने 101 रनों की पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं सके और टीम 246 रन पर सिमट गई।

दीप्ति और शेफाली की चमक

दीप्ति शर्मा ने गेंदबाजी में कहर बरपाते हुए 9.3 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट झटके। वहीं शेफाली वर्मा ने भी दो अहम विकेट लिए और बल्ले से टीम की जीत की नींव रखी। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को 52 साल बाद विश्व कप जीत का स्वाद चखाया।

यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के सुनहरे युग की शुरुआत है। ये एक ऐसा पल जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी, जब भारत की बेटियों ने साबित किया कि हौसले अगर बुलंद हों, तो कोई मंजिल दूर नहीं होती।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com